Homeराजनीतिओवैसी की AIMIM के जिला अध्यक्ष फारूक अहमद की ओपन फायरिंग में दो घायल,...

ओवैसी की AIMIM के जिला अध्यक्ष फारूक अहमद की ओपन फायरिंग में दो घायल, हालत गंभीर

एमआईएम पार्टी के जिला अध्यक्ष और पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष फारूक अहमद ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोलाबारी की। इस घटना में दो लोगों गोली लगी, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

AIMIM के जिला अध्यक्ष फारूक अहमद ने तेलंगाना राष्ट्र समिति पार्टी के दो स्थानीय नेताओं पर दो राउंड से ज्यादा फायरिंग की। AIMIM नेता फारूक अहमद को हिरासत में ले लिया गया है और मामला दर्ज किया जा रहा है, जबकि पीड़ितों को अस्पताल ले जाया जा रहा है। क्रिकेट खेलते समय यह घटना हाथापाई में बदल गई। तभी फारूक ने अपने विरोधियों पर बहुत करीब से गोलीबारी शुरू कर दी और भागते समय एक युवक गिर गया।

तेलंगाना के आदिलाबाद जिले में ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के जिला अध्यक्ष फारूक अहमद ने दो लोगों पर गोलियाँ चला दीं जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। समाचार चैनल टाइम्स नाउ के ब्यूरो चीफ ने इसका वीडियो भी ट्वीट किया है।

बताया जा रहा है कि एमआईएम पार्टी के जिला अध्यक्ष और पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष फारूक अहमद ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोलाबारी की। इस घटना में दो लोगों गोली लगी, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। साथ ही, एक गोली किसी और के पेट में जा लगी। फारूक अहमद ने दो लोगों पर गोलियाँ चलाईं और दूसरे पर चाकू से हमला किया।

घायलों का इलाज आदिलाबाद के रिम्स अस्पताल में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुँची। हादसे के बाद रिम्स अस्पताल में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है और एमआईएम के कार्यकर्ता भी वहाँ मौजूद हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -