कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए 21 दिनों का पूरे देश में लॉकडाउन है। इस दौरान बीजेपी ने महाभोजन अभियान की घोषणा की है। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए कार्यकर्ता इस कैंपेन को मुकम्मल करेंगे।
"भारत में घर में रहना सबसे अच्छा है लेकिन घर में रहने के लिए लोगों को पैसे और खाने की जरूरत होगी। हमें न सिर्फ 21 दिनों के लिए सोचना और प्लान करना चाहिए बल्कि उसके अगले कुछ हफ्तों की भी योजना होनी चाहिए।"
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेस करके कहा कि देश के 80 करोड़ लोगों को सस्ते दर पर राशन दिया जाएगा। केंद्र सरकार देश के 80 करोड़ लोगों को हर महीने 7 किलो प्रति व्यक्ति राशन देगी, जोकि 3 महीने के लिए एडवांस होगा।
"आज लॉकडाउन की परिस्थिति में काशी देश को सिखा सकती है- संयम, समन्वय, संवेदनशीलता। काशी देश को सिखा सकती है- सहयोग, शांति, सहनशीलता। काशी देश को सिखा सकती है- साधना, सेवा, समाधान।"
20 मार्च को इस्तीफे की घोषणा करने के लिए मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने आवास पर एक पत्रकार वार्ता की थी। जिसमें से एक पत्रकार की बेटी की कोरोना वायरस की जाँच में रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भी सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल कर रहे हैं और देश की जनता को भी इसके लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। आज उनकी कैबिनेट बैठक में इसकी झलक दिखी। साथ ही सोशल मीडिया में कई तस्वीरें सामने आई हैं जिससे पता चलता है कि आवश्यक वस्तुओं की दुकानों पर किस तरह लोग सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल कर रहे हैं।
"इसी तरह लॉकडाउन के आदेश का उल्लंघन होता रहा तो कर्फ्यू का आदेश देना पड़ेगा। ऐसे हालात मत पैदा कीजिए, जिससे सरकार को देखते ही गोली मारने का आदेश देना पड़े।"
कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पूरे देश में 21 दिनों के लॉकडाउन का फैसला किया है। यूपी सरकार ने इस दौरान सब्जी, फल, दूध, दवा और अन्य आवश्यक वस्तुएँ लोगों के घर तक पहुॅंचाने की व्यवस्था का ऐलान किया है।
इस प्रस्ताव का सदन में मौजूद सभी 107 बीजेपी विधायकों के अलावा 2 निर्दलीय, बीएसपी और एक एसपी के विधायक ने समर्थन किया। बहुमत प्रस्ताव पारित कराने के लिए सदन में आसंदी पर मौजूद सभापति जगदीश देवड़ा ने मतदान की औपचारिकता पूरी करवाई। इस दौरान हुए मतदान में विश्वास मत को ध्वनिमत के जरिए सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, कोई रास्ता नहीं है। बकौल पीएम, कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण की सायकिल को तोड़ना ही होगा।