पीएम के इस निर्णय के बाद तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोगों ने अंदेशा जताया कि जिस तरह से सोशल मीडिया पर हिंदुत्व और राष्ट्रवादी विचारधारा के लोगों को बदनाम किया जाता है, कहीं इसीलिए तो पीएम मोदी सोशल मीडिया को अलविदा नहीं कहने जा रहे हैं?
सारा अब्दुल्लाह पायलट की याचिका पर आज जम्मू कश्मीर प्रशासन ने अपना पक्ष रखा। जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पिछले 7 महीने से राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह को हिरासत में रखे जाने को जरुरी बताया।
वो आइआइटी कानपुर से पढ़ा हुआ है और फ़िलहाल इंटेल की बेंगलुरु ऑफिस में कार्यरत है। उसने दीनदयाल उपाध्याय के नाम से 'पंडित' हटा दिया। उसने दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन का नाम हटा दिया। वो लगातार ऐसी एडिटिंग कर के हिन्दू-घृणा से ग्रसित लेख बना रहा है।
हिंदू युवा संगठन का कहना है कि भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं और हिंदू समुदाय में पूजनीय है। जालमी ने भगवान परशुराम को आतंकी और बलात्कारी बताया। इसके बाद से हिंदू समुदाय के सदस्यों में गुस्सा व्याप्त है। कड़ी कार्रवाई की माँग की गई है।
विश्व हिंदू परिषद ने मुस्लिमों को आरक्षण देने पर चिंता जताते हुए कहा था, “शिवसेना से मुस्लिम तुष्टिकरण की उम्मीद नहीं की जा सकती।” रविवार (मार्च 1, 2020) की सुबह शिवसेना ने ट्वीट का जवाब देते हुए कहा, “इस तरह का फैसला विचाराधीन नहीं है।”
केजरीवाल ने अंकित शर्मा के परिवार के लिए मुआवजे की घोषणा की। कहा कि साथ ही पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। हालाँकि, अपनी पार्टी के नेता और निगम पार्षद ताहिर हुसैन पर केजरीवाल ने पूरी तरह चुप्पी साधे रखी और कुछ नहीं कहा।
"हम वादा करते हैं। 24 फरवरी को जब डोनाल्ड ट्रम्प भारत आएँगे तो हम उनको बताएँगे कि हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री और यहाँ की सरकार देश को बाँटने का काम कर रही है । हम उन्हें बताएँगे कि हिंदुस्तान की जनता यहाँ की सरकार के ख़िलाफ़ लड़ रही है।"
“...अगर आप लोग तय कर लें कि आज के बाद एक भी गिरफ्तारी हुई तो होम मिनिस्टर के घर को घेरना है। मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ कि इनकी इतनी हिम्मत नहीं होगी कि आपके एक बच्चे की तरफ भी ये आँख उठाकर देख लें।"
अजित पवार खुलकर CAA के समर्थन में आ गए हैं, जबकि उनके चाचा शरद पवार इसका विरोध कर रहे। उद्धव CAA पर तो सहमत हैं लेकिन NRC-NPR पर इनकार कर रहे। अपने CM की लाइन से हटकर अजित पवार ने NRC और NPR के लिए भी समर्थन दे दिया है, वो भी बहुत ही राजनीतिक तरीके से!
"अगर शहर में गोली चलती है और किसी को गोली लगती है, तो कोई केस क्यों दर्ज नहीं किया गया? FIR क्यों दर्ज नहीं की गई? क्या शहर के लोग बेवकूफ हैं? शहर के लोगों को पता नहीं चलता कि गोली चलती है और एफआईआर दर्ज नहीं होती? साहब हम भी समझते हैं कि क्या हालात हैं... अगर इस तरह होता रहा तो शहर की अवाम खामोश नहीं बैठेगी।"