प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं को ये तक नहीं पता था कि जिस प्रदर्शन में वो शामिल हुए हैं- उसका उद्देश्य क्या है। ऐसे में जब टीवी 9 भारतवर्ष के संवाददाता विपिन चौबे ने हकीकत का खुलासा किया तो वहाँ मोदी मीडिया मुर्दाबाद के नारे लगने लगे और कार्यकर्ता उन पर हावी हो गए।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अधिवक्ता उमेश बोहरे ने गाँधी परिवार को SPG सुरक्षा देने की तत्काल माँग से संबंधित PIL दाखिल की थी। लेकिन कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर यह कहते हुए 25,000 रुपए का जुर्माना लगाया कि याचिकाकर्ता 'सस्ती लोकप्रियता' हासिल करने की कोशिश में था।
प्रियंका गाँधी की ओर से पार्टी के 350 पूर्व सांसद, MLA, MLC, 2019 के लोकसभा उम्मीदवार और 2017 के विधानसभा उम्मीदवारों को बुलावा भेजा गया था। लेकिन इंदिरा गाँधी की छवि वाली प्रियंका के बुलावे के बावजूद आए कितने? सिर्फ 40! मतलब 350 में से सिर्फ 40... बहुत नाइंसाफी हो गया ये तो!
संसद और विधानसभा में निर्वाचित होने वाले जनप्रतिनिधि अपने व्यवहार से शालीनता और शिष्टाचार का परिचय देते हैं मगर जब पार्टी अध्यक्ष खुद ही संसद में सारी मर्यादा को तार-तार कर दे तो......
संसद में बोलते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि घाटी में इन्टरनेट सेवाओं पर लगे प्रतिबन्ध उसी वक़्त हटाया जाएगा जब स्थानीय प्रशासन को लगेगा कि घाटी की स्थितियाँ सामान्य हैं।
अलीगढ़ का नाम बदलने की पहल तब भी हुई थी, जब कल्याण सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। लेकिन, उस समय केंद्र में कॉन्ग्रेस की सरकार होने के कारण यह मुमकिन नहीं हो पाया था।
सीटीडी एडवाइज़र्स नामक इस संस्था का गठन पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश बैंकर शोएब बाजवा ने पिछले साल किया था। जेकेएलएफ जैसा आतंकी संगठन संस्था के कार्यक्रम की प्रशंसा कर चुका है।
गृहमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष इस वक़्त तक 802 पत्थरबाजी की घटनाएँ हुई थीं लेकिन इस साल ये आँकड़ा उससे कम होकर 544 पर जा पहुँचा है। उन्होंने बताया कि सभी 20,400 स्कूल खुले हैं। उन्होंने कहा कि 50,000 से भी अधिक (99.48%) छात्रों ने 11वीं की परीक्षा दी है।
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने साफ़ कर दिया है कि यह निर्णय किसी राजनेता का नहीं बल्कि गृह मंत्रालय का है और नियमानुसार ही हुआ है। नड्डा ने कहा कि किसी भी नेता के 'थ्रेट परसेप्शन' को देखते हुए मंत्रालय तय प्रोटोकॉल के तहत निर्णय लेता है।
तीन लाख रुपए से कम की सालाना आय वाले लोगों को अब हज के लिए 60 हजार रुपए की मदद दी जाएगी। हज कैंप में रिपोर्ट करने से लेकर उनकी रवानगी तक रहने और खाने का भी इंतजाम सरकार करेगी।