राउत की मानें तो गुरुवार दोपहर तक महाराष्ट्र में सरकार गठन की तस्वीर साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अब ज्यादा इतंजार करने की ज़रूरत नहीं है, सरकार गठन में बस 5-6 दिन और लगेंगे।
महाराष्ट्र में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। आज राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस संबंध में रिपोर्ट रखेंगे। एनसीपी और कॉन्ग्रेस के नेताओं के बीच होने वाली बैठक पर भी सबकी नजरें टिकी है। शिवसेना ने अपने सभी विधायकों को आधार कार्ड के साथ मुंबई तलब किया है।
इस संशोधन के बाद ट्रस्ट में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के होने की अनिवार्यता समाप्त हो गई है। 2023 में मौजूदा न्यास का कार्यकाल समाप्त होने पर नए सदस्यों में शहीदों के परिजन भी होंगे।
महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना के एनसीपी से गठबंधन की भी खबर सामने आई थी। मगर इस पर एनसीपी ने खुद सोनिया गाँधी और उनकी पार्टी का मुँह ताकना शुरू कर दिया।
हाल में ही केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने पेयजल की गुणवत्ता के आधार पर देश के प्रमुख शहरों की रैंकिंग जारी की थी। जिसमें दिल्ली का पानी सबसे खराब बताया गया था।
वीर सावरकर को भारत रत्न देने के वादा भाजपा ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान किया था। इस संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने कहा है कि इसके लिए औपचारिक सिफारिश जरूरी नहीं है।
शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही आरंभ होते ही कॉन्ग्रेस के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुँच गए। इसके बाद डीएमके के सदस्य भी कॉन्ग्रेस के समर्थन में आसन के समीप पहुँच कर नारेबाजी करने लगे।
रामलला की पैरवी करने वाले वकीलों के दल का कारेसवकपुरम में वकीलों का अभिनंदन किया जाएगा। इस दल में सीनियर एडवोकेट के. परासरण और उनके परिवार के करीब 2 दर्जन सदस्य भी होंगे।
कॉन्ग्रेस ने मोदी सरकार की कथित नाकामियों को उजगार करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में आंदोलन की योजना बनाई थी। इसकी समाप्ति रामलीला मैदान की भारत बचाओ रैली से होनी थी।