खान ने कहा कि कश्मीर के हालात अब पूरी तरह से सामान्य हो रहे हैं। 75 फीसदी लैंडलाइन फोन और कुछ इलाकों में मोबाइल सेवा बहाल हो चुकी है। आने वाले दिनों में पाबंदियों में और छूट दी जाएगी।
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने ट्विटर के जरिए कॉन्ग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा, "अब तो स्वयं साक्षात मंत्री जी कह रहे हैं तो सवाल अहम हो जाता है। क्या संवैधानिक व्यवस्था को ताक पर रख दिया। क्या शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री से परे सत्ता के सूत्र किसी अन्य के पास हैं तो संवैधानिक संकट है? "
बठिंडा निवासी और सिविल लाइन क्लब के पूर्व प्रधान जगजीत सिंह धालीवाल एवं शिवदेव सिंह ने इस संबंध में कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने कॉन्ग्रेस द्वारा एक निजी क्लब में मालवा कॉन्ग्रेस भवन खोले जाने के खिलाफ स्थाई रोक लगाने की माँग की थी।
कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का बीजेपी और ISI पर दिए बयान से कॉन्ग्रेस ने पल्ला झाड़ लिया है। कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पीएल पुनिया ने यह साफ़ कर दिया है कि यह दिग्विजय सिंह के व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं और अगर उन्हें ऐसा लगता है कि तो उन्हें इस सन्दर्भ में सबूत पेश करने चाहिए।
कश्मीर के कॉन्ग्रेसी नेता सलमान निज़ामी ने केंद्र/राष्ट्रपति शासन और मुफ़्ती-अब्दुल्ला शासन के समय मारे गए लोगों की संख्या की तुलना की। उन्होंने लिखा, "उमर अब्दुल्ला के समय फैली अशांति में 200 लोग मारे गए, महबूबा मुफ़्ती के समय फैली अशांति में 260 लोग मारे गए, 2019 की अशांति में शून्य मारे गए।"
कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने मोदी सरकार पर निशाना साधने के लिए अपनी ही पार्टी के नेताओं के बयानों के खिलाफ़ जाकर बयान दिया। खुर्शीद ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके काम में अच्छाई ढूँढना भूसे के ढेर में सुई को ढूँढने जैसा है।
मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिया कि खेतों व सड़कों पर कोई भी निराश्रित गाय घूमती न मिले, इसका ख़ास ध्यान रखा जाए। उन्होंने पुलिस को गो-तस्करी के ख़िलाफ़ कड़ाई से क़दम उठाने का निर्देश देते हुए अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई करने को कहा।
“कॉन्ग्रेस ने 370 को हटाने का विरोध किया। आज भी राहुल गाँधी जो बयान देते हैं उसकी पाकिस्तान में तारीफ होती है। उनके बयान को पाकिस्तान अपनी याचिका में शामिल करता है। कॉन्ग्रेसियों को शर्म आनी चाहिए कि उनके बयान का उपयोग भारत के खिलाफ हो रहा है।”
"अगर दिग्विजय सिंह को इसी तरह की बयानबाजी करनी है तो वह पाकिस्तान जाएँ और पाकिस्तानियों के साथ रहें। उनके बयानों को अब उनके घर वाले ही गंभीरता से नहीं लेते, उनके बयान अब उनके घर वाले ही नहीं सुनते।"
बैतूल से आईजी ऑफिस होशंगाबाद, होशंगाबाद से उन्हें पुलिस मुख्यालय, फिर बैतुल, इसके बाद सागर और छतरपुर से होते हुए भोपाल और फिर से बैतूल और उसके बाद लाइन हाज़िर। इसके बाद सारणी थाने का चार्ज लेने के एक सप्ताह के भीतर निवाड़ी जिले में ट्रान्सफर।