शाह ने उदाहरण देते हुए कहा कि समान विषय पर नीलगिरि के सांसद ए राजा ने भी अपनी बातें रखी और भाजपा नेता सत्यपाल सिंह भी उसी विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने सलाह दी कि जब कोई अपनी बात रख रहा हो तो उसके बीच में नहीं बोला जाना चाहिए।
कमलनाथ सरकार श्री लंका के दिवुरुमपोला में एक मंदिर बनाने की योजना बना रही है। इस मंदिर का निर्माण उसी जगह पर किया जाएगा, जिसे माता सीता का अग्निपरीक्षा स्थल माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इसी स्थान पर सीता ने लंका-युद्ध के बाद पहली अग्निपरीक्षा दी थी।
बागी विधायकों का कहना है कि कॉन्ग्रेस नेता उन्हें कई तरह से प्रभावित करने और डराने की कोशिश कर रहे हैं। इस कारण से उन्होंने मुंबई पुलिस को पत्र लिखकर अपने लिए सुरक्षा की भी माँग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि वे किसी भी कॉन्ग्रेस नेता से नहीं मिलना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि जो गौ-पालक दूध निकाल कर पशुओं को सड़कों पर छोड़ देते हैं, उनके ख़िलाफ़ जुर्माने और दंड की सख्त कार्रवाई हो। वहीं जो निराश्रित गोवंश को पाल रह हैं, उन्हें 900 रुपए प्रतिमाह दिए जाएँ।
सवाल उठता है कि क्या सिद्धू को यह सब पता ही नहीं है, या फिर 'इस्तीफ़ा' एक 'स्टंट' है। अगर उन्हें यह पता ही नहीं था कि उनका इस्तीफा लेने का अधिकार राहुल गाँधी को नहीं, अमरिंदर सिंह को है तो यह मंत्री के तौर पर उनकी काबिलियत पर प्रश्नचिह्न है।
पीसी चाको ने शीला दीक्षित को पत्र लिखकर कहा कि पार्टी संगठन का फैसला वो अकेले नहीं कर सकती हैं। इसलिए शुक्रवार (जुलाई 12, 2019) को जो उन्होंने ब्लॉक पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की थी, उसे महासचिव प्रभारी के तौर पर वे (पीसी चाको) अयोग्य करार देते हैं।
"राहुल, मुझे आपसे सीखने को बहुत कुछ मिला है। हमारे देश में लगभग 65 प्रतिशत युवा हैं, जो आपके मार्गदर्शन में विश्वास रखते हैं। आपका जमीनी स्तर पर काम करने का और देश की जनता से और करीब से जुड़ने का निश्चय बहुत ही सराहनीय है। आपके इस कदम में मैं आपके साथ हूँ क्योंकि जनसेवा किसी पदवी की महोताज नहीं होती।"
हाल ही में सूरत नगर निगम (एसएमसी) के एक कॉन्ग्रेस पार्षद असलम साइकिलवाला को पुलिस ने गुजरात के सूरत शहर के अठवा लाइन्स इलाक़े में हुई एक भगदड़ की घटना में हिरासत में लिया था। इस घटना में झारखंड में तबरेज़ अंसारी की कथित रूप से हत्या के ख़िलाफ़ रैली निकाल रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया था। साइकिलवाला के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट पहुँचने वाले विधायकों में आनंद सिंह, डॉ. के सुधाकर, एन नागराज, मुनीरत्न और रोशन बेग शामिल हैं। इसी के साथ कर्नाटक में सियासी संकट शुरू होने के बाद से सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने वाले बागी विधायकों की कुल संख्या 15 हो चुकी है।
कारवाँ के कार्यकारी सम्पादक विनोद के. होज़े ने लंदन में भारत-विरोधी प्रेज़ेंटेशन दिया। उन्होंने दावा किया कि हिंदुस्तान के अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि "सैकड़ों ईसाईयों की हत्या हो रही है।" और "1984 का सिख हत्याकांड भी आरएसएस का रचा हुआ था।"