इस मामले पर कमलनाथ सरकार के पंचायती राज मंत्री कमलेश्वर पटेल ने सफ़ाई देते हुए कहा है, "यह गलती सरकार के स्तर से नहीं हुई है। निचले स्तर पर ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। हमने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जिसने भी यह गलती की होगी उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।"
“हमारे पास उनकी लिस्ट तैयार है और वे हमारे सम्पर्क में हैं।” मुकुल रॉय के मुताबिक़, बीजेपी में शामिल होने वाले ये 107 विधायक मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा), कॉन्ग्रेस और तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी (TMC) से हैं।
परनीत कौर ने ट्वीट कर बताया कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्वच्छता श्रमदान की सफलतापूर्वक शुरुआत उन्होंने की। उन्होंने लिखा है कि इस पहल के तहत पटियाला को प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने लोगों से इस अभियान में शामिल होने और परिवेश को साफ़-सुथरा रखने की अपील की।
मध्य प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार ने भोपाल में मुख्यमंत्री के आवास सहित मंत्रियों के निवास का नवीनीकरण करने का भी निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि भोपाल में सीएम का आवास दिसंबर 2018 से खाली पड़ा है, क्योंकि कमलनाथ अभी वहाँ शिफ्ट नहीं हुए हैं।
10 जुलाई को सभी सचिवों को भेजे गए पत्र में कैबिनेट सचिव प्रदीप सिन्हा ने कहा है, "सचिवों के क्षेत्रीय समूह की सिफारिशों के आधार और मंत्रियों के समूह द्वारा इन पर विचार करने के बाद सरकार के 100 दिवसीय कार्यक्रम के रूप में 167 ट्रांसफॉर्मिंग आइडियाज को लागू करने का निर्णय लिया गया है।"
बात लिखती हैं दिल्ली के ओखला स्थित भारत के सबसे बड़े सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की और फोटो लगाती हैं कैलिफोर्निया की! फिर तुलना करती हैं गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से! यह किस तरह का प्रोपेगेंडा फैला रहीं हैं मेम साब?
“मुझे लगता है कि दिल्ली के उन इलाकों में डर का कोई माहौल नहीं है, जहाँ हम रहते हैं या काम करते हैं, लेकिन हाँ छोटे शहरों और गाँवों में इसका डर जरूर है। इस डर को दूर करने की जिम्मेदारी हर भारतीय की है।”
विधायक की शपथ लेने के एक महीने के बाद भी उन्हें घर नहीं मिला है। उन्होंने बताया, "दो दिन पहले फुटपाथ पर सोने के दौरान उनका फोन चोरी हो गया, उनके निजी सचिव पर भी कुछ लोगों ने हमला किया।"
"गोवा और कश्मीर के हालातों को देखते हुए मुझे लगता है कि यदि देश में भाजपा एकमात्र पार्टी बच गई तो इससे राष्ट्र का लोकतंत्र कमजोर हो जाएगा। इसका हल क्या है? इटैलियन और उनकी संतानों को हटने के लिए कहें, ताकि उसके बाद ममता संयुक्त कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष बनें।"
अक्षम पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायर करने के शासन के आदेश के बाद आईजी मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। इसमें मोहित अग्रवाल के अलावा एसएसपी (कानपुर) अनंत देव और एसपी (कन्नौज) अमरेन्द्र प्रसाद सिंह शामिल थे। इस कमेटी ने शासन को दागी पुलिसकर्मियों की लिस्ट भेजी थी। इसमें ड्यूटी से गैर-हाज़िर रहने वाले, भ्रष्टाचारी, घूसखोर, काम न करने वाले पुलिसकर्मी शामिल थे।