कुछ दिनों पहले ही सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस के टी थॉमस आरएसएस को आपातकाल से मुक्त कराने वाला बता चुके हैं। संघ के तृतीय वर्ष शिविर में उन्होंने कहा- "अगर किसी संगठन को आपातकाल से देश को मुक्त कराने के लिए क्रेडिट दिया जाना चाहिए, तो मैं आरएसएस को दूंगा।”
"हाँ, हम छोटे हो सकते हैं, लेकिन झूठे या नकली नहीं। छल हमारी संस्कृति नहीं है। हम रोज़ चुनौतियाँ देते हैं।"- अंसिफ अशरफ़ (प्रबंध सम्पादक, ब्रिटिश हेराल्ड)
"मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विवादित बयान देने के लिए अपने नेताओं को खुली छूट दे रखी है। सीएम ने ख़ुद ही लोकसभा चुनाव के दौरान अपना मतदान करने के बाद विवादित बयान दिया था। उस वक़्त उन्हें ये कहने की क्या ज़रूरत थी कि जदयू अनुच्छेद 35A और 370 हटाने के मामले में भाजपा का समर्थन नहीं करती?
अलीपुरद्वार में कलचीनी से विधायक विल्सन चामपरामरी ने भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि वो सोमवार (जून 24, 2019) को भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि उनके साथ 18 पार्षद भी सदस्यता लेंगे। इसके साथ ही उन्होंने ये जानकारी भी दी कि पार्टी के कई और नेता भी भाजपा में शामिल होने के लिए पार्टी हाईकमान के संपर्क में है।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता केरल में मुफ़्त में नहीं आती और सत्ता पक्ष हिंदुओं के ख़िलाफ़ अपना पक्ष रखने के लिए जाना जाता है। हाल ही में, कम्युनिस्ट सरकार ने बलात्कार के आरोपी बिशप फ्रैंको का मजाक बनाने के लिए एक कार्टूनिस्ट को पुरस्कार देने के अपने फ़ैसले को पलट दिया था क्योंकि इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची थी।
अधीर रंजन चौधरी अपनी बात रखते हुए भाषा पर नियंत्रण नहीं रख पाए। इस दौरान उन्होंने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने इंदिरा गाँधी की तुलना माँ से किया तो वहीं पीएम मोदी के लिए गंदी नाली शब्द का इस्तेमाल किया।
अजय कुमार लल्लू को उत्तर प्रदेश (पश्चिमी) के संगठन में बदलाव करने के लिए पार्टी द्वारा अधिकृत किया गया है। लल्लू कुशीनगर के अंतर्गत आने वाले तमकुही राज विधानसभ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और लगातार दूसरी बार जीत कर विधायक बने हैं।
आंध्र प्रदेश ने जब अपना प्रशासन हैदराबाद से अमरावती शिफ्ट किया था, तभी से चंद्रबाबू नायडू कृष्णा नदी के किनारे उंदावल्ली स्थित इस आवास में रह रहे थे। उस दौरान सरकार ने आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के जरिए प्रजा वेदिका का निर्माण तत्कालीन मुख्यमंत्री के आवास के रूप में किया था, जिसमें 5 करोड़ का खर्चा आया था।
रघुवंश ने कहा कि तेजस्वी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, इसीलिए उनका काम विधानसभा की परिक्रमा करना है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर में तेजस्वी की ज़रूरत नहीं है, वहाँ किसी जनसभा वाले नेता की ज़रूरत है।
“मैं और झारखंड के राष्ट्रीय जनता दल के 90 फीसदी कार्यकर्ता व नेता लालू प्रसाद यादव से नाराज हैं। अब राष्ट्रीय जनता दल में लोकतंत्र नहीं बचा है, लिहाजा हमने नई पार्टी बनाई है और अब हम खुद झारखंड के लोगों की सेवा करेंगे।”