मायावती ने कहा कि बसपा अब किसी को फ्री में समर्थन नहीं देगी। लेकिन चुनाव के गठबंधन के बारे में विचार करेगी। इस बार वह दलित और पिछड़े वर्ग के साथ ही चुनाव लड़ेंगी।
कम्युनिस्ट पार्टी की नेता ने बेशर्मी दिखाते हुए उसकी तुलना 'लघु दृष्टि' के मरीज से कर दी और कहा कि उन्होंने काफी कुछ कहा, लेकिन उसने सिर्फ राम मंदिर को लेकर बातें सुनी।