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पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी योजना’: अंतरिम बजट में 2 करोड़ का लक्ष्य अब बढ़कर 3 करोड़, 1 करोड़ महिलाएँ बन चुकी हैं लखपति

इस अंतरिम बजट में नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने 'लखपति दीदी योजना' का लक्ष्य 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ करने का फैसला किया है। सीतारमण ने कहा कि अब तक एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया है। अब इसे बढ़ावा दिया जाएगा और इसे 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ करने का निर्णय लिया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुुरुवार (1 फरवरी 2023) को संसद में अंतरिम बजट पेश किया। इस बजट में महिलाओं के लिए कई घोषणाओं की गईं। सीतारमण ने इस दौरान ‘लखपति दीदी योजना’ का भी जिक्र किया। यह महत्वाकांक्षी योजना महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाई गई है।

इस अंतरिम बजट में नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने ‘लखपति दीदी योजना’ का लक्ष्य 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ करने का फैसला किया है। सीतारमण ने कहा कि अब तक एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया है। अब इसे बढ़ावा दिया जाएगा और इसे 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ करने का निर्णय लिया है।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि महिला केंद्रित योजनाओं से अब तक करीब 9 करोड़ महिलाओं को महिलाओं के जीवन में बदलाव आया है। बजट भाषण के तुरंत पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी लखपति दीदी योजना का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार 2 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का अभियान चला रही है। अब सरकार ने इसके लक्ष्य को बढ़ा दिया है।

क्या है लखपति दीदी योजना?

देश की महिलाओं को आर्थिक रुप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले साल एक महत्वपूर्ण पहल की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र ने 15 अगस्त 2023 को लाल किले से देशवासियों को संबोधित करते हुए ‘लखपति दीदी योजना’ की घोषणा की थी। उस दौरान देश भर की 2 करोड़ महिलाओं को प्रशिक्षण एवं ऋण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया था।

इस योजना के लागू होने से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करोड़ों महिलाओं को लाभ मिल रहा है। इन स्वयं सहायता समूहों से आर्थिक रूप से पिछड़ी हुई महिलाएँ जुड़ी हुई हैं। जैसे कि बैंक वाली दीदी, आंगनबाड़ी दीदी आदि। इस योजना में इन महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए कई तरह के पहल किए गए हैं।

लखपति दीदी योजना इन महिलाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण का कार्यक्रम है। इसमें उन्हें स्किल ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वे पैसा कमाने योग्य बनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। इस ट्रेनिंग में बिजनेस शुरू करने के तरीके बताए जाते हैं। इस योजना के तहत बिजनेस शुरू कर ने वाली महिलाओं को बिजनेस प्लान, मार्केटिंग और बाजार तक पहुँच के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें सहायता की जाती है।

समय-समय पर उन्हें तकनीक एवं वित्त से संबंधी जानकारी देने के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया जाता है। इससे महिलाएँ बिजनेस के लिए बजट, बचत और निवेश के बारे में जानकारी हासिल करती हैं। इसके साथ ही अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग के बारे में सिखाया जाता है। इसके अलावा उन्हें डिजिटल बैंकिंग सेवाओं, मोबाइल वॉलेट एवं अन्य डिजिटल प्लेटफार्मों का उपयोग करना सीखा जाता है।

महिलाओं को प्लंबिंग, एलईडी बल्ब बनाने व ड्रोन के संचालन और मरम्मत जैसे कौशल में प्रशिक्षित किया जाता है। लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को बिजनेस शुरू करने, शिक्षा या अन्य जरूरतों के लिए छोटे स्तर पर लोन भी उपलब्ध कराया जाता है। महिलाओं की सहायता के लिए इसमें उन्हें कम खर्च में बीमा भी उपलब्ध कराई जाती है।

इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए महिला को संबंधित राज्य का स्थायी निवासी और महिला का स्वयं सहायता समूहों से जुड़ा होना अनिवार्य है। इस योजना के तहत उन महिलाओं को शामिल किया जाता है, जिनकी प्रति परिवार सालाना इनकम कम-से-कम 1 लाख रुपए होती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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