“हम भारत-पाकिस्तान नहीं हैं। आमिर खान और किरण राव को देखिए, यह उस तरह का रिश्ता है। हमारे (शिवसेना-बीजेपी) के राजनीतिक रास्ते अलग हैं लेकिन दोस्ती हमेशा बरकरार रहेगी।”
टीएमसी के साथ कॉन्ग्रेस सांसद की नजदीकियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में कोलकाता में फर्जी वैक्सीनेशन को लेकर जब विवाद हुआ था तो अभिजीत मुखर्जी ने ममता बनर्जी का समर्थन किया था।
मौजूदा साल यानी 2021 की बात करें तो इस साल पहले ढाई महीने में ही 12 विभागों ने पब्लिसिटी में 29.79 करोड़ रुपए खर्च किए। 'अल्पसंख्यक कल्याण विभाग' ने 50 लाख रुपए में से 48 लाख सोशल मीडिया पर खर्च किए।
इस विश्वविद्यालय की स्थापना 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली' की सरकार ने ही किया था। लेफ्ट से जुड़े छात्रों ने AUD की एडमिशन नीति को लेकर ऑनलाइन विरोध प्रदर्शन भी किया।
विदेशी अख़बारों में खुद को 'हिन्दू मिलिटेंट लीडर' बताए जाने पर उन्होंने कहा कि उनकी सोच जितनी होगी, वो उतना ही बोलते हैं। उन्होंने कहा कि एक हिन्दू होने पर वो गर्व महसूस करते हैं।