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8 राज्यों को मिले नए गवर्नर, मोदी कैबिनेट के विस्तार की अटकलों के बीच बड़ा बदलाव

केंद्र में कैबिनेट मंत्री रहे थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल, वहीं हरि बाबू कंभमपति को मिजोरम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही मंगूभाई छगनभाई पटेल को मध्य प्रदेश, राजेंद्रन विश्वनाथ अर्लेकर को हिमाचल प्रदेश, श्रीधरन पिल्लई को गोवा, सत्यदेव नारायण आर्य को त्रिपुरा और....

मोदी सरकार में कैबिनेट विस्तार से ठीक एक दिन पहले तमाम अटकलों के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश के 8 राज्यों में नए राज्यपाल की नियुक्ति की है। केंद्र में कैबिनेट मंत्री रहे थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल, वहीं हरि बाबू कंभमपति को मिजोरम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

इसके साथ ही मंगूभाई छगनभाई पटेल को मध्य प्रदेश, राजेंद्रन विश्वनाथ अर्लेकर को हिमाचल प्रदेश, श्रीधरन पिल्लई को गोवा, सत्यदेव नारायण आर्य को त्रिपुरा, रमेश बैस को झारखंड और बंडारू दत्तात्रेय को हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

गौरतलब है कि 8 राज्यपालों की एक साथ ये सबसे बड़ी नियुक्ति है। इससे पहले अगस्त 2018 में 7 राज्यों में एक साथ राज्यपाल बदले गए थे। राज्यपालों की नियुक्ति का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के कैबिनेट विस्तार से पहले पार्टी और सरकार के स्तर पर बैठकों का दौर जारी है।

हाल ही में पीएम मोदी ने भाजपा नेता और पदाधिकारी बीएल संतोष, गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। कहा जा रहा है यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट में फेरबदल करते हैं तो मई, 2019 में प्रधानमंत्री के तौर पर दूसरी पारी शुरू करने के बाद मंत्रिपरिषद का यह पहला बड़ा विस्तार होगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुशील मोदी उन संभावित लोगों में शामिल माने जा रहे हैं जिन्हें मोदी मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि इस विस्तार में उत्तर प्रदेश को खास तवज्जो मिल सकती है क्योंकि अगले साल की शुरुआत में वहाँ विधानसभा चुनाव है और राजनीतिक रूप से यह प्रदेश देश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

मीडिया में सूत्रों के हवाला देते हुए यह भी दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व भी इस कैबिनेट विस्तार में बढ़ सकता है। माना जा रहा है कि भाजपा के सहयोगियों जदयू और अपना दल (एस) को भी प्रतिनिधित्व मिल सकता है। अभी तक आरपीआई नेता राम दास आठवले इकलौते ऐसे गैर भाजपाई नेता हैं जो नरेंद्र मोदी मंत्रिपरिषद में शामिल हैं।

लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान के निधन के बाद अब सबकी नजरें इस ओर हैं कि उनके भाई पशुपति कुमार पारस को मंत्री बनाया जाता है या नहीं। मौजूदा मंत्रिपरिषद में कुल 53 मंत्री हैं और नियमानुसार अधिकतम मंत्रियों की संख्या 81 हो सकती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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