सभी की निगाहें अब कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के साथ सीएम अमरिंदर की होने वाली बैठक पर टिकी हुई है। राहुल गाँधी के साथ पंजाब कॉन्ग्रेस के कई नेताओं की बैठक तय है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जून 2021 को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों के गठबंधन गुपकार गैंग ने इसमें शामिल होने की सहमति जताई है।
"जब इस्लामी कट्टरपंथियों ने नॉन-मुस्लिम से शादी करने और सिन्दूर को लेकर उन पर हमला किया था तो पार्टी लाइन से ऊपर उठ कर कई सांसदों ने उनका बचाव किया था।"
मित्रा ने कहा, "जगदीप धनखड़ (राज्यपाल) जहाँ भी जाता है, वहाँ उसे काले झंडे दिखाए जाते हैं। अगर यह एक फिल्म का सीन होता, तो एक भौंकने वाला काला कुत्ता दिखाया जाता।''
अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सलाहकार की भूमिका निभा रहे बंदोपाध्याय से कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (डीओपीटी) द्वारा आरोपों का उल्लेख करते हुए भेजे गए ज्ञापन का 30 दिनों के अंदर जवाब भेजने को कहा गया है।
दिलचस्प बात यह है कि जब सोरेन एक बैठक की प्रतीक्षा कर रहे थे, तब सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मिलने चले गए, जो द्रमुक के प्रमुख हैं।
बैठक को बुलाने से पहले एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार 15 दिन में प्रशांत किशोर से 2 बार मिल चुके हैं। एक मीटिंग 11 जून को पवार के मुंबई स्थित आवास पर हुई थी और दूसरी बैठक सोमवार को हुई।