इस्लामी कट्टरवाद के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए फ्रांस की संसद ने विवादास्पद बिल को मंजूरी दे दी है। इस बिल में मस्जिदों और मदरसों पर सरकारी निगरानी बढ़ाने और बहु विवाह और जबरन विवाह पर सख्ती का प्रावधान है।
खालिस्तानी संगठन ने इन कार्यकर्ताओं के समर्थन में एक वेबसाइट बनाई है। उसका मानना है कि इन कार्यकर्ताओं पर देशद्रोह का चार्ज लगाकर इनसे इनका प्रोटेस्ट का अधिकार छीना गया है।
चालबाज चीनी सेना द्वारा उठाया गया यह कदम 10 महीनों से चल रहे गतिरोध को खत्म करने की दिशा में दोनों देश के सेना अधिकारियों द्वारा लगातार बातचीत और सैनिकों के पीछे हटने संबंधी समझौते के अनुसार हो रहा है।