पहले तो ईरान इस बात से साफ़ इनकार करता रहा कि इस घटना में उसका हाथ है। लेकिन, कुछ ही समय में हकीक़त सभी के सामने आ गई। इसके बाद ख़ुद ईरान के राष्ट्रपति रुहानी ने स्वीकार किया कि एक मानवीय भूल से मिसाइल ग़लत दिशा में चली गई, जिससे विमान हादसे का शिकार हो गया।
इंडोनेशिया की करीब 90 फीसद आबादी मुस्लिम है। जावा के जिस पठार से मूर्ति मिली है वह कलिंगा साम्राज्य के हिंदू मंदिरों का स्थान रहा। 140 सेमी मूर्ति की ऊँची और 120 सेमी चौड़ी मूर्ति का निर्माण 7वीं से 8वीं शताब्दी के बीच होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
मुल्तान डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने फ़ैसला लिया है कि जो भी वकील बार काउंसिल का चुनाव लड़ेगा, उसे एक एफिडेविट देना होगा। इस एफिडेविट के माध्यम से उम्मीदवारों को इस्लाम के प्रति अपनी आस्था की शपथ लेनी होगी।
इतने विभत्स अपराध के बावजूद हुसैन को बच्ची के साथ बलात्कार का दोषी नहीं, बल्कि बाल यौन शोषण अपराध का दोषी ठहराया गया। और उसे सजा कितनी मिली? सिर्फ 75 घंटों के लिए समाज सेवा करने का आदेश! रेप पीड़िता के साथ यह कैसा न्याय?
वीडियो में दिखाया गया कि हवाई अड्डे के पास ऊपर एक विमान को मिसाइल ने निशाना बनाया, तभी एक छोटा धमाका हुआ, लेकिन विमान में विस्फोट नहीं हुआ। इसके कई मिनट बाद तक वो उड़ान भरता रहा लेकिन हवाई अड्डे से पहले वो दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
"वे चारों लोग चाहते थे कि मैं अरेबिक में वो शब्द बोलूँ। मैं डर गया था और मेरे मन में ख्याल आ रहा था कि वे मुझे मार देंगे क्योंकि उन्होंने कहा था कि उनके पास चाकू है और उन्हें कोई गवाह नहीं चाहिए।"
उस समय के कैबिनेट मंत्री मोरारजी देसाई ने तो विपक्षी दलों को भी इस संधि के खिलाफ एकसाथ होने की सलाह दे डाली थी। तत्कालीन गृहमंत्री गोविन्द बल्लभ पन्त भी पाकिस्तान को दी जाने वाली इस आर्थिक राशि से नाखुश थे। वो चाहते थे कि इस आर्थिक राशि का उस धन के साथ सामन्जस्य बैठाया जाए, जो हिन्दू शरणार्थी पाकिस्तान में छोड़ कर आ चुके थे।
सीमा से सटे इलाके में हमले को अंजाम देने के लिए आतंकी गाड़ियों और मोटरसाइकिल से आए थे। जहॉं हमला किया गया वह संवेदनशील इलाका है। आतंकियों के खिलाफ अभियान में वायुसेना को भी जुटना पड़ा।
महिला का अपहरण जबरन इस्लामी धर्मान्तरण कराने के मकसद से किया गया। ये घटना तब हुई, जब वह अपने पिता के घर गई थी। उसका अपहरण करने वाले तीनों आरोपित हैं- मोहम्मद नाहिद हसन, मोहम्मद नसीर हैदर और मोहम्मद सबुज।।
190 लोगों को निशाना बनाकर 159 यौन अपराधों को अंजाम देने वाले अपराधी की पहचान सार्वजनिक कर दी गई है। रिनहार्ड को अदालत ने चार अलग-अलग मुक़दमों में 136 बलात्कार, 8 बलात्कारों की कोशिश और 14 अन्य यौन अपराधों का दोषी पाया है।