जब कासिम जहाँगीर बन्दूक दिखाकर बलात्कार करता था, उसी वक़्त जहाँगीर की पत्नी किरण वीडियो बनाती रहती थी। इसके बाद पीड़िता को वीडियो और तस्वीरों के नाम पर ब्लैकमेल किया जाता था।
पेनांग के उपमुख्यमंत्री रामासामी ने कहा कि मलेशिया को ज़ाकिर नाइक का असली रंग समझने में समय लग गया। नाइक को भगोड़ा बताते हुए उन्होंने कहा कि चीनी और भारतीय कई पीढ़ियों से रह रहे हैं और आज तक किसी रेसिस्ट व्यक्ति ने भी उन पर सवाल नहीं उठाए।
फोन कॉल पर दोनों नेताओं की बातचीत लगभग आधे घंटे तक चली। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प से बात करते हुए आतंक और हिंसा से मुक्त शांतिपूर्ण वातावरण तैयार करने की महत्ता पर प्रकाश डाला।
बौखलाए नाइक ने 4 बड़े नेताओं को अदालत में घसीट लिया है। ज़ाकिर ने इन सभी से 48 घंटे के अंदर माफ़ी माँगने अथवा मानहानि का मुक़दमा झेलने की धमकी दी है। इन नेताओं ने साफ़ कर दिया कि ज़ाकिर का बयान जहरीला था।
जम्मू कश्मीर पर UN की बैठक बुलाने वाला चीन हॉन्गकॉन्ग पर UN की रिपोर्ट को ग़लत बताता है। लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को आतंकी बताता है। उन्हें अपनी सेना का धौंस दिखा रहा है। जबकि हॉन्गकॉन्ग की 71% जनता चीनी कहलाने में गर्व महसूस नहीं करती।
अदनान ने कहा कि पाकिस्तान के नागरिक खुद के जीवन से निराश हो चुके हैं और जब से उन्हें यह एहसास हुआ है कि वो इन सब से आगे निकल चुके हैं, तब से वो उनके ऊपर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। वे वास्तव में पीड़ित हैं।
370 खत्म करने को पाकिस्तानी जिहादी 'हिन्दू आक्रमण' के रूप में देखते हैं, इसलिए हिंदुस्तान के हिन्दुओं को नीचा दिखाने के लिए पाकिस्तानी हैदराबाद शहर की सुन्नी तहरीक के कठमुल्लों ने इंसानियत की हद ही पार कर दी। यह गाय से अधिक इंसानियत की हत्या है।
डर का माहौल बनाने और लोगों को गुमराह करने के लिए पाकिस्तान ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के अनुच्छेद-370 को रद्द करने और जम्मू-कश्मीर के विभाजन के ऐतिहासिक फ़ैसले के बाद सोशल मीडिया पर फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने का सहारा भी लिया।
स्वतंत्रता दिवस के जश्न में निकाले गए इस परेड में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने के समर्थन में बैनर भी दिखे। बैनर में आर्टिकल 370 का हटना कश्मीर के लिए अच्छा बताया गया है। बैनर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के लिए धन्यवाद भी लिखा हुआ है।
थम्स का कहना है कि उन्होंने ‘बोलसोनारो विश्वास और सम्मान के लायक क्यों हैं’, इसका जवाब इसलिए नहीं दिया क्योंकि वो किसी चीज के लायक नहीं है। थम्स ने 188 पेज खाली छोड़ने के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि वो चाहते हैं कि लोग विवादित नेता के बारे में अपनी खुद की राय बताएँ।