इन अकॉउंट्स से पोस्ट होने वाले ट्वीट में अधिकतर मानवाधिकारों का हनन करने वाली वीडियो और नागरिकों एवं सेना में होने वाला संघर्ष दिखाया जाता था। इनमें ज्यादातर ट्वीट अनुच्छेद 370 और कश्मीर से संबंधित थे।
नमृता के भाई विशाल जो कि खुद मेडिकल कंसलटेंट हैं का कहना है कि उसकी हत्या की गई है। विशाल ने कहा, मैंने नमृता की गर्दन पर तार के निशान देखे हैं। ऐसे ही निशान उसके हाथ पर थे। लेकिन उसकी दोस्त का कहना है कि नमृता के गले में दुपट्टा बॅंधा था।
बीते साल इसी तरह पेरिस में अज्ञात हमलावरों ने आम लोगों को निशाना बनाया था। बाद में इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली थी। 2017 में मिलान के ही रेलवे स्टेशन पर सेना और रेलवे पुलिस के अधिकारियों पर भी हमले हुए थे।
अपने बयान में बलूच नेता ने बताया कि पाकिस्तानी फौज के सिपाहियों ने एक महीने के अंतराल में मरदान की एक महिला और ग्वादर की एक महिला के साथ दुष्कर्म किया है।
अफ़ग़ानिस्तान में 28 सितम्बर को राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और अधिकतर रैलियों में अशरफ गनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही जनसभाओं को सम्बोधित किया है। लेकिन, इस बार उन्होंने ख़ुद रैली स्थल पर मौजूद थे।
इस हमले में कट्टरपंथी नेता मियाँ मिट्ठू का हाथ सामने आया था। उसने न सिर्फ़ मंदिर बल्कि स्कूल को भी नुक़सान पहुँचाया। मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिस के सामने शिक्षक की पिटाई की, मंदिर में तोड़फोड़ और स्कूल को नुक़सान पहुँचाया।
गेट्स फाउंडेशन ने कहा कि वह विरोध करने वालों की भावनाओं का सम्मान करती है लेकिन पीएम मोदी ने 50 करोड़ लोगों तक स्वच्छता सम्बंधित सुविधाएँ पहुँचाई हैं और इसीलिए उन्हें अवॉर्ड दिया जाएगा।
मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा कि वह लगातार दुनिया भर में ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहाँ ज़ाकिर नाइक को भेजा जा सके लेकिन कोई भी उसे रखना ही नहीं चाहता। अगर वह भारत जाता है तो वहाँ भी उपद्रव पैदा करेगा।
बहन के मृत शरीर को देख नमृता के भाई डॉ विशाल सुंदर ने कहा, "उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी निशान हैं, जैसे कोई व्यक्ति उन्हें पकड़ रखा था। हम अल्पसंख्यक हैं, कृपया हमारे लिए खड़े हों।"