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इस देश में हिंदू कब तक उठाएँगे लाशें और कब तक जलते रहेंगे मंदिर: सांसद ने पूछा सवाल

"यह आग पूरे सिंध में फैल जाएगी, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए। उनकी शक्ति पर अंकुश लगाना सरकार की जिम्मेदारी है।"

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। भारत से लेकर UNPO (Unrepresented Nations and Peoples Organization, गैर-प्रतिनिधि राष्ट्र एवं मानव संगठन) तक इस मुद्दे को सबके समक्ष उठाकर वैश्विक रूप दे चुके हैं, लेकिन फिर भी वहाँ के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे। अब ऐसे में आखिरकार पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार (अपहरण, हत्या, दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण) का मुद्दा पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में उठा है।

दरअसल, पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के सांसद खील दास कोहिस्तानी ने मंगलवार (सितंबर 18, 2019) को नेशनल असेंबली में इमरान सरकार के सेकुलरिज्म की पोल खोलते हुए उनसे सवाल पूछा, “बीते चार महीने में 25 से 30 हिंदू लड़कियों का अपहरण हुआ और वे कभी वापस नहीं लौटीं। ये अत्याचार कब तक जारी रहने वाले हैं? हिंदू लोग कब तक लाशें उठाते रहेंगे? कब तक हमारे मंदिर जलाए जाते रहेंगे?”

सांसद और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के सिंध की अल्पसंख्यक शाखा के प्रमुख ने भरी सभा में पूछा कि सिंध के घोटकी और उमरकोट में ही ये घटनाएँ क्यों हो रही हैं? उन्होंने कहा कि यह आग पूरे सिंध में फैल जाएगी, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए। उन्होंने सिंध में कुछ लोगों की गिरफ्तारी की भी बात की और कहा कि उनकी शक्ति पर अंकुश लगाना सरकार की जिम्मेदारी है।

उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे के असेंबली में उठने से एक दिन पहले ही सिंध प्रांत में डेंटल की पढ़ाई कर रही हिंदू छात्रा नमृता की हत्या की खबर सोशल मीडिया पर फैली थी। जिसके बाद विश्वविद्यालय उसकी मौत को खुदकुशी करार देने पर तुला हुआ था, लेकिन परिवारजनों का आरोप था कि उनकी लड़की की हत्या हुई है, जिसकी पुष्टि खुद सबूत कर रहे हैं।

इसके अलावा बता दें कि पाकिस्तान में एक हिंदू प्रिंसिपल पर ईश निंदा के आरोप लगाकर मंदिर और हिंदू घरों में तोड़फोड़ की खबर, सिंध से एक बीबीए की छात्रा को अगवा करने की खबर, और सिख लड़की के धर्मपरिवर्तन की घटना भी ज्यादा पुरानी नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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