"केवल सीमित संख्या में शरणार्थियों को रहने देना चाहिए। यूरोप, यूरोपियों के लिए है और अगर अप्रवासी अपने देशों में वापस नहीं भेजे जाते हैं, तो पूरा यूरोप मुस्लिम देश या फिर अफ्रीकी देश बन सकता है।"
2016 में मैथ्यूज परिवार ने बिहार के एक अनाथालय से बच्ची को गोद लिया था। केरल के मैथ्यूज ने अमेरिका में अक्टूबर 2017 में शेरिन की हत्या की। मैथ्यूज ने ख़ुद को बचाने के लिए एक के बाद एक कई झूठे दावे पेश किए। कभी उसने कहा कि बच्ची दूध नहीं पी रही थी तो कभी कहा कि वो कहीं ग़ायब हो गई थी।
रणजीत सिंह की 8 फीट ऊँची प्रतिमा, जिसमें उन्हें घोड़े पर चढ़ा हुआ दिखाया गया है, वह लाहौर के Walled City of Lahore Authority (WCLA) के तत्वाधन में स्थापित किया जा रहा है। यह सब ब्रिटेन स्थित सिख संस्था, एसके फाउंडेशन के सहयोग से किया गया।
इसके विरोध में एक पाकिस्तानी ने अपने यूट्यब वीडियो में कुरान की आयतों में यह लिखे होने का दावा किया है "और अपने घर में करार से रहो, और कदीम जाहिलीयत के ज़माने की तरह अपने बनाव का इज़हार न करो"।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने एशिया पैसिफिक देशों का आभार जताया है। यूएनएससी में 15 अस्थायी सीटों के लिए अगले वर्ष जून में चुनाव होना है। भारत लम्बे समय से माँग करता रहा है कि उसे UNSC में स्थायी सदस्यता दी जाए।
"मुस्लिम समुदाय सिंहलियों या बौद्धों से प्रेम नहीं करता। बौद्धों को मुस्लिमों की दुकानों का बहिष्कार करना चाहिए, विशेषतः उनके भोजनालयों से खाना न खाएँ (क्योंकि उस भोजन में नसबंदी वाले रसायन हो सकते हैं)। जो युवा लोग मुस्लिमों की दुकानों पर खा रहे हैं, ऐसा सम्भव है कि वह जैविक माता-पिता न बन पाएँ।"
राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना ने देश में लागू आपातकाल की सीमा बढ़ा दी है। यह शनिवार को समाप्त होने वाला था। इस कानून के अंतर्गत पुलिस और सुरक्षा बलों को हिरासत समेत इसके अंतर्गत व्यापक अधिकार मिले थे।
दूसरे देशों की सम्प्रभुता में हस्तक्षेप की नीति और कुछ नहीं, साम्राज्यवाद ही है। अमेरिका हिंदुस्तान के मुस्लिमों की चिंता छोड़ कर अपनी खुजली का इलाज करे।
अब ये पाक के ऊपर है कि उसके साथ कैसा व्यवहार हो, अगर वाकई वह चाहता है कि भारत आतंक रोधी अभियान के तहत उसे कठोर कदमों का सामना न करना पड़े तो, कस्मों-वादों के चक्कर में न पड़के आतंक की कमर तोड़ने में लग जाए। नहीं तो क्या पता अगली बार भारतीय जवान जिस गति और मजबूती से कश्मीर सहित देश के हर उस हिस्से से जहाँ से आतंक की बू आ रही है, साफ कर रहे हैं, बेमुरव्वत आतंकियों को ठिकाने लगा रहे हैं। कल को पाक की सिर्फ कमर तोड़ने के लिए छोटे-मोटे सर्जिकल स्ट्राइक नहीं बल्कि जड़ से आतंक के नासूर को उखाड़ फेंकने के लिए कोई और तरीका ही ईजाद कर लें!
गुलालाई इस्माइल के पिता प्रोफेसर मोहम्मद इस्माइल ने 4 जून को एक ट्वीट करते हुए कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों के हाथों उनके परिवार का उत्पीड़न हो रहा था।