प्रदर्शनकारियों ने एक गधे का पुतला भी बनाया और उसके चेहरे पर पीएम मोदी की तस्वीर चिपका दी थी। वहीं इसके शरीर पर मुकेश अंबानी और अडाणी की तस्वीरें लगाई गई थी। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री ‘कुत्ता’ भी कहते हैं।
NDTV के पत्रकार जैन ने मध्यप्रदेश की ओर इशारा करते हुए उज्जैन में हुई हिंसा का सारा ठीकरा राम मंदिर डोनेशन यात्रा पर फोड़ा और कहा कि उसी से हिंसा भड़की, लेकिन सरकार ने पत्थरबाजों के ख़िलाफ़ कानून बना दिया।
यह पूरा प्रकरण उसके ट्वीट को लेकर उछला था, जिसमें उसने ‘ब्राह्मण d*cks’ के खिलाफ अपशब्द कहते हुए डींगें हाँकी थी। मीना के इस घृणित कमेंट का बचाव करने के लिए उसके कई कॉमरेड साथी इस मामले में कूद पड़े थे।
अपने आप को भारतीय मीडिया से बाहर का मानने वाले राजदीप सरदेसाई ने कहा कि भारतीय मीडिया इस समय उद्देश्यपूर्ण और ईमानदार पत्रकारिता नहीं कर रहा है, वे सिर्फ झूठ का प्रचार प्रसार करने के लिए पत्रकारिता का सहारा ले रहा है।
प्रोपेगैंडा वेबसाइट द वायर ने हिंदू विरोधी खबर को अंजाम देने की जल्दबाजी में न केवल झूठी खबर को फैलाया, बल्कि अपराध को जातिगत एंगल देकर लोगों को भड़काने का भी काम किया।