अर्णब गोस्वामी को न्यायिक हिरासत देने के मजिस्ट्रेट के आदेश को संशोधित करने की माँग की गई है। इसके साथ ही कोर्ट ने अर्णब की जमानत याचिका पर पुलिस को नोटिस जारी किया है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने माना कि रायगढ़ पुलिस द्वारा अन्वय नाइक आत्महत्या मामले में शुरू की गई आगे की जाँच को ‘अवैध और मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना’ नहीं कहा जा सकता है।
रिपब्लिक टीवी के कंसल्टिंग एडिटर प्रदीप भंडारी ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अर्णब गोस्वामी को सुरक्षा प्रदान करने को लेकर स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।
अर्नब गोस्वामी किसी भी सोशल मीडिया पर मौजूद नहीं हैं। किसी भी बड़े सोशल प्लेटफॉर्म पर उनका कोई सोशल मीडिया अकाउंट नहीं है। इसलिए यह पक्का नहीं है फिर पुलिस को कैसे पता चला कि गोस्वामी सोशल मीडिया पर सक्रिय थे।