रिपब्लिक टीवी के कंसल्टिंग एडिटर प्रदीप भंडारी ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अर्णब गोस्वामी को सुरक्षा प्रदान करने को लेकर स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।
अर्नब गोस्वामी किसी भी सोशल मीडिया पर मौजूद नहीं हैं। किसी भी बड़े सोशल प्लेटफॉर्म पर उनका कोई सोशल मीडिया अकाउंट नहीं है। इसलिए यह पक्का नहीं है फिर पुलिस को कैसे पता चला कि गोस्वामी सोशल मीडिया पर सक्रिय थे।
"ड्रग माफिया की पोल खोलने, 'BullyDawood' में बच्चों की तस्करी के व्यापार की पोल खोलने और सोनिया गाँधी को उनके 'असली नाम' से बुलाने के लिए उनके साथ ऐसा किया जा रहा है।"
महाराष्ट्र सरकार के इशारे पर रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी के खिलाफ ‘विच हंट’ में जुटी मुंबई पुलिस को 2019 में अन्वय नाइक आत्महत्या मामले में दायर क्लोजर रिपोर्ट कठघरे में खड़ा करती है।
अर्णब के वकीलों द्वारा उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर करने के बाद कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए है। इस याचिका में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए और अंतरिम सुरक्षा प्रदान करने के लिए भी कहा गया है।