पत्रकारों के संगठन प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) का एक बार फिर प्रेस की आजादी को लेकर 'रोना' शुरू हो गया है। इस बार अडानी एंटरप्राइजेज के मानहानि मामले में कोर्ट के आदेश पर रोना रोया।
राजा भैया ने बताया कि उन्हें लेकर लिखी गई एक खबर के लिए आउटलुक मैगजीन ने 27 वर्ष बाद माफी माँगी है। यह खबर आउटलुक पत्रिका के 17 नवंबर 1997 के अंक में छपी थी।
डिकार्लोस ब्राउन नामक शख्स ने यूक्रेनी लड़की इरीना ज़ारुत्स्का की चाकू मारकर हत्या की। लेकिन अमेरिकी मीडिया ने इसकी कोई खबर नहीं चली। हत्या की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
'The Wire' ने गलत रिपोर्ट छापकर बताया कि 'मुस्लिम फेरीवाले' को केवल इसलिए पीटा क्योंकि वो 'जय श्री राम' नहीं बोल रहा था। बांकुरा पुलिस ने फैक्ट चेक कर बताई झूठी रिपोर्ट।
'द बंगाल फाइल्स' Wikipedia पर वामपंथी एडिटर्स के निशाने पर आ गई है और इसे तथ्यों को छोड़ सिर्फ समीक्षाओं के जरिए 'प्रोपेगेंडा' साबित करने की कोशिश की जा रही है।