रेलवे के मुताबिक, एक घटना यह ट्रेन हादसा नहीं, बल्कि ट्रेसपासिंग का मामला है। ट्रेसपासिंग की घटना नासिक और ओढा स्टेशन के बीच हुई थी। हादसे में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरपीएफ इस मामले की जाँच कर रही है।
रेलवे ने बताया कि रविवार (19 अक्टूबर 2025) शाम कुछ लोग ट्रैक पार करने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान कर्मभूमि एक्सप्रेस आ गई और ये लोग उसकी चपेट में आ गए। रेलवे ने साफ किया है कि तीनों घायल व्यक्ति ट्रेन में सफर नहीं कर रहे थे, बल्कि रेलवे लाइन पार कर रहे थे। ट्रेन आने के सिग्नल दिए जा चुके थे, फिर भी ये ट्रैक पार करने की कोशिश कर रहे थे। ये रेलवे के नियमों का उल्लंघन है।
? Don’t spread fake news ?
— Central Railway (@Central_Railway) October 19, 2025
No passengers fell from the Karmbhoomi Express.
✅ It was a trespassing incident that occurred between Nashik and Odha yesterday evening.
✅ The individuals involved were not on the train.
✅ Injured persons have been hospitalized, and
✅ RPF is…
दरअसल छठ पूजा को देखते हुए रेलवे ने 12000 स्पेशल ट्रेन बिहार के लिए अलग-अलग जगहों से चलाई है। इनमें मुंबई, दिल्ली जैसी जगहों से खास कर ट्रेनें चलाई गई हैं। इसका मकसद लोगों को गंतव्य तक सुरक्षित और आसान सफर कराना है।
स्टेशनों पर काफी भीड़ जमा हो रही हैं। ऐसे में ट्रेन हादसे का झूठ फैलाने का प्रोपेगेंडा सोशल मीडिया पर चलाया गया। मोहम्मद जुबेर ने एक्स पर लिखा, दिवाली और छठ पूजा अपने प्रियजनों के साथ मनाने बिहार जा रहे तीन यात्री मुंबई से बिहार जा रही ट्रेन से गिर गए। दो यात्रियों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करके जुबेर ने पूछा है कि भारतीय रेलवे ने 12000 स्पेशल ट्रेन चलाई थी, उसका क्या हुआ?
यहाँ तक कि कई वेबसाइट ने इस झूठ को सच मानते हुए बगैर रेलवे से घटना की जानकारी लिए हुए खबरें चला दी। इस पर रेलवे ने साफ लिखा है कि जानकारी साझा करने से पहले तथ्यों को जाँच लें।

आजतक ने लिखा है कि मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से बिहार जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस से नासिर रोड रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर 3 यात्री ट्रेन से गिर गए, जिससे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक की हालत गंभीर है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आजतक ने ये भी लिखा है कि ये साफ नहीं हो पाया है कि ये लोग त्यौहार मनाने जा रहे थे या आने वाले चुनाव में मतदान करने। आजतक का शीर्षक है, ‘ट्रेनों में भारी भीड़ के बीच मुंबई से बिहार जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस से गिरे 3 यात्री, 2 की मौत’
वहीं दैनिक भास्कर का शीर्षक है, ‘मुंबई से बिहार जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस से गिरे तीन यात्री, दो की मौत, एक की हालत गंभीर’

दैनिक भास्कर ने अपनी खबर में लिखा, ‘मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से रक्सौल (बिहार) जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस में शनिवार देर रात एक दुखद हादसा हुआ। नासिक रोड रेलवे स्टेशन के पास तीन युवक ट्रेन से गिर गए, जिसमें दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।’
बगैर हकीकत जाने माने वेबसाइटों का इस तरह से गैरजिम्मेदाराना रवैया बेहद खतरनाक है। छठ पूजा के लिए बिहार जाने वाले लोग पूरे देश से जाते हैं। इस दौरान जमकर स्टेशनों में भीड़ भी होती है। ऐसे में गलत हादसों की खबर से लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। भारत की लाइफ लाइन कहलाने वाली रेलवे को इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभाने में दिक्कतें आ सकती हैं। यही वजह है कि रेलवे ने लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। साथ ही लिखा है, “कृपया साझा करने से पहले तथ्यों की पुष्टि कर लें। आइए जानकारी के साथ ज़िम्मेदारी बरतें।”


