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एग्जिट पोल और पुरषार्थ: फर्जी लिबरल गैंग वो शब्द इस्तेमाल कर रही है, जिसका अर्थ भी उसे नहीं पता

यही बात अगर किसी दक्षिणपंथी ने कह दी होती तो उसकी ऑनलाइन मॉब-लिंचिंग हो गई होती और महिला आयोग तक उसे घसीट लिया जाता।

मोदी जीत गए तो क्या हुआ, उसके पंख कतर दिए जाएँगे: कॉन्ग्रेस ने स्वीकारी ‘Moral Victory’

नेशनल हेराल्ड ने मोदी की जीत को 'Pyrrhic Victory' कहा है। इसका अर्थ हुआ कि ऐसी जीत, जो हार के बराबर हो (सम्राट अशोक के कलिंग विजय की तुलना इससे कर सकते हैं, इसका अर्थ हुआ कि ऐसी जीत जिसमें विजेता को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा हो)। नेशनल हेराल्ड को उम्मीद है कि...

ABP-Nielsen Exit Poll: BJP की आती ज्यादा सीटें लेकिन… मक्कारी व धूर्तता से ‘संघी’ लोगों को हटाया

नीलसन के निदेशक ने यह बताया कि वह मान कर चल रहे थे कि भाजपा का वोट शेयर बढ़ने वाला है ही नहीं- इसलिए उन्होंने उन सभी लोगों के जवाबों को ख़ारिज कर दिया, जिन्होंने यह कहा कि उन्होंने पिछली बार तो भाजपा को वोट नहीं दिया था मगर इस बार दे रहे हैं।

‘लाडले’ को बचाने के लिए ठीकरा कहाँ-कहाँ फोड़ा जाएगा? Exit Polls के बाद गिरोह तैयार

तैयार रहिए। एग्जिट पोल्स सही साबित हुए तो भाजपा की जीत के लिए तमाम ऐसे अजीबोगरीब कारण गिनाए जाएँगे, जिससे राहुल की इमेज पर आँच न आए और पीएम की लोकप्रियता की बात न हो। ठीकरा कहीं और फोड़ा जाएगा, ईवीएम को गालियाँ पड़ेंगी।

AAJTAK-AXIS के अनुसार MP, राजस्‍थान, छत्‍तीसगढ़ से कॉन्ग्रेस साफ, खिलेगा कमल

इसके आलावा पूरे देश में बीजेपी के पक्ष में पूर्ण बहुमत के रुझान आ रहे हैं। अभी तक के लगभग सभी एग्जिट पोल में बीजेपी को पूर्ण बहुमत दी गई है।

Republic Exit Poll: NDA 305, BJP 264, कॉन्ग्रेस 72, UPA 124

रिपब्लिक-जन की बात के अनुसार आँकड़े कुछ ऐसे हैं: NDA- 305, BJP- 264, कॉन्ग्रेस- 72, UPA- 124, अन्य 113

प्रचार के लिए ब्लाउज़ सिलवाई, 20 साड़ियाँ खरीदी, ताकि बड़े मुद्दों पर बात कर सकूँ: स्वरा भास्कर

स्वरा भास्कर ने स्वीकार करते हुए बताया कि उन्हें प्रचार के लिए बुलाया गया क्योंकि वो हीरोइन हैं और इस वजह से ही उन्हें एक इमेज बनाना आवश्यक था। इसी छवि को बनाने के लिए उन्होंने 20 साड़ियाँ खरीदीं और और कुछ जूलरी खरीदी ताकि ‘बड़े मुद्दों पर’ बात की जा सके।

लंगोट पहन पेड़ से उलटा लटक पत्तियाँ क्यों नहीं चबा रहे PM मोदी? मीडिया गिरोह के ‘मन की बात’

पद की भी कुछ मर्यादाएँ होती हैं और कुछ चीजें व्यक्तिगत सोच पर निर्भर करती है, यही तो हिन्दू धर्म की विशेषता है। वरना, कल होकर यह भी पूछा जा सकता है कि जब तक मोदी ख़ुद को बेल्ट से पीटते हुए नहीं घूमेंगे, उनका आध्यात्मिक दौरा अधूरा रहेगा।

Google से नहीं, पहले इतिहास पढ़ो तब बहस किया करो: आशुतोष को TV डिबेट में इतिहासकार की राय

आशुतोष को जज्बातों में बहता देखरक एंकर ने कहा, “मैं उस सोच की बात कर रहा, जो कत्ल करती है। चाहे वह सोच राजस्थान के शंभू रैगर की हो या दिल्ली में सिखों की हत्या की हो।” इस पर आशुतोष ने कहा, “जिनकी वो सोच है, वो श्यामा प्रसाद मुखर्जी 1942 में चिट्ठी लिखते हैं, भारत छोड़ो आंदोलन को कुचल दिया जाए।”

पाकिस्तानी लेखक और विदेशी मैगज़ीन की कोई विश्वसनीयता नहीं: PM मोदी

पीएम मोदी ने खुद इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “टाइम मैगजीन विदेशी है, लेखक खुद कह चुका है कि वह पाकिस्तान के एक राजनीतिक परिवार से आता है। यह उसकी विश्वसनीयता बताने के लिए काफी है।”

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