UAPA क़ानून के तहत मौलाना मसूद अजहर, हाफ़िज़ सईद, दाऊद इब्राहिम, ज़कीउर्रहमान लखवी को आतंकवादी घोषित करने के बाद बाद अमेरिका ने भी भारत के इस रुख़ का समर्थन किया है। अमेरिका का कहना है कि...
गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक लिस्ट में पहले नंबर पर पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर है। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को नंबर दो पर रखा गया है। तीसरे नंबर पर दाऊद इब्राहिम है।
जैश और लश्कर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोल खुलने के कारण आईएसआई ने एक नए नाम से आतंकी संगठन तैयार किया है। इसका नाम अल-उमर-मुजाहिद्दीन (AUM) है। इसका अगुआ मुश्ताक अहमद जरगर उर्फ मुश्ताक लातराम है।
“यह दुनिया के सबसे उन्नत हेलीकॉप्टरों में से एक है। यह कई मिशनों को अंजाम देने में सक्षम है। आज अपाचे AH-64E के शामिल होने के साथ भारतीय वायु सेना ने अपने लेटेस्ट जेनरेशन के लड़ाकू हेलीकाप्टरों की सूची को अपडेट कर लिया है।”
पूछताछ में उसने अधिकारियों से कई भाषा में बात की। कई भाषाओं का जानकार होना और बस्ते से मिले सामान से उसकी सच्चाई पर सवाल बना हुआ है। पूरी जाँच के बाद ही साफ़ होगा कि असलम बीमार है या फिर वास्तविकता छिपाने के लिए कहानी गढ़ी गई है।
खलील अहमद और नाजिम खोखर ने बताया कि रावलपिंडी सैन्य मुख्यालय में उनकी मुलाकात पाक सेना के कुछ बड़े अधिकारियों से कराई गई। इसके बाद कश्मीर में हमले के लिए 7 लश्कर आतंकियों का ग्रुप तैयार किया गया। इनमें 3 अफगानी मूल के आतंकी हैं।
कश्मीर के कॉन्ग्रेसी नेता सलमान निज़ामी ने केंद्र/राष्ट्रपति शासन और मुफ़्ती-अब्दुल्ला शासन के समय मारे गए लोगों की संख्या की तुलना की। उन्होंने लिखा, "उमर अब्दुल्ला के समय फैली अशांति में 200 लोग मारे गए, महबूबा मुफ़्ती के समय फैली अशांति में 260 लोग मारे गए, 2019 की अशांति में शून्य मारे गए।"
आईएसआई अधिकारियों और मौलवियों ने बीते हफ्ते बलूचिस्तान और पाकिस्तानी पंजाब के इलाकों का दौरा किया है। इसका मकसद आतंकी मंसूबों को पूरा करने के लिए नए लड़कों की बहाली करना है।
"जब तक अपील करने का समय है, तब तक किसी को विदेशी नहीं माना जाएगा। राज्य सरकार कानूनी समर्थन का विस्तार करेगी। सरकार इन लोगों की परेशानियों पर ध्यान देगी और यह देखेगी कि उनका किसी तरह का उत्पीड़न न हो।"
"हमारे पास कुछ निजी वाहनों के पंजीकरण नंबर हैं जो अभी भी सड़कों पर चल रहे हैं और हम उनके मालिकों को एक अंतिम चेतावनी जारी कर रहे हैं। कोई भी रास्ता नहीं खोला जाना चाहिए। कोई भी महिला सड़क पर नहीं दिखनी चाहिए। महिलाएँ अपने घर में रहें।"