कश्मीर के कॉन्ग्रेसी नेता सलमान निज़ामी ने केंद्र/राष्ट्रपति शासन और मुफ़्ती-अब्दुल्ला शासन के समय मारे गए लोगों की संख्या की तुलना की। उन्होंने लिखा, "उमर अब्दुल्ला के समय फैली अशांति में 200 लोग मारे गए, महबूबा मुफ़्ती के समय फैली अशांति में 260 लोग मारे गए, 2019 की अशांति में शून्य मारे गए।"
आईएसआई अधिकारियों और मौलवियों ने बीते हफ्ते बलूचिस्तान और पाकिस्तानी पंजाब के इलाकों का दौरा किया है। इसका मकसद आतंकी मंसूबों को पूरा करने के लिए नए लड़कों की बहाली करना है।
"जब तक अपील करने का समय है, तब तक किसी को विदेशी नहीं माना जाएगा। राज्य सरकार कानूनी समर्थन का विस्तार करेगी। सरकार इन लोगों की परेशानियों पर ध्यान देगी और यह देखेगी कि उनका किसी तरह का उत्पीड़न न हो।"
"हमारे पास कुछ निजी वाहनों के पंजीकरण नंबर हैं जो अभी भी सड़कों पर चल रहे हैं और हम उनके मालिकों को एक अंतिम चेतावनी जारी कर रहे हैं। कोई भी रास्ता नहीं खोला जाना चाहिए। कोई भी महिला सड़क पर नहीं दिखनी चाहिए। महिलाएँ अपने घर में रहें।"
श्रीनगर के जिलाधिकारी शाहिद चौधरी ने विदेशी मीडिया के तमाम प्रोपेगेंडा का खंडन करते हुए कहा कि वो आधिकारिक और व्यक्तिगत तौर पर सभी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि कश्मीर में कोई स्वास्थ्य सेवा संकट नहीं है। 94 फीसदी डॉक्टर फिलहाल ड्यूटी पर हैं।
65 वर्षीय गुलाम मोहम्मद जब रात में अपनी दुकान बंद कर रहे थे, तभी कुछ लोग मोटरसाइकिल पर आए और उन पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चला दी। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
गुजरात में पूर्वी कच्छ के डेप्युटी एसपी डीएस वाघेला ने बताया कि उन्हें राज्य सरकार से एक आतंकी ख़तरे के बारे में सूचना प्राप्त हुई है। संपूर्ण कच्छ ज़िला हाई अलर्ट पर है, सभी लैंडिंग पोर्ट पर सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।
हाल में बिहार के गया से JMB का कुख्यात आतंकी एजाज़ अहमद गिरफ़्तार किया गया था। उसके पास से भारी मात्रा में जिहादी दस्तावेज़ मिले थे। वह अरसे से गया में वेश और नाम बदलकर रह रहा था। सूत्रों ने बताया की वह बड़े हमले की फ़िराक में था।
पाकिस्तान सेना लगातार उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का प्रयास कर रही है। जिसका उसे भारतीय सेना से मुँहतोड़ मिल रहा है। उसने अपनी इन्हीं घटिया हरकतों के चलते मंगलवार को सुंदरबनी सेक्टर के रिहायशी इलाकों में गोलीबारी भी की थी।
नक्सली नेता कोबाड गाँधी को 9 साल पुराने देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार किया गया है। झारखंड की हजारीबाग जेल में निरुद्ध प्रतिबंधित माओवादी संगठन के सदस्य कोबाड गाँधी को सोमवार को ट्राँसफर वारंट पर सूरत लाया गया था।