मुंबई हमलों का साज़िशकर्ता हाफिद सईद द्वारा संचालित संस्था फलाह-ए-इंसानियत के डेप्युटी चीफ शाहिद महमूद और अन्य लोगों के खिलाफ एनआईए ने पिछले वर्ष मामला दर्ज किया था। टेरर फंडिंग के मामले में रिश्वत की माँग की गई थी।
"स्थानीय कश्मीरियों को भी इस बात की खबर नहीं है कि सेना लोगों को डराने के लिए युवकों को यातनाएँ दे रही है। आखिर कैसे कुछ कार्यकर्ता दिल्ली के 5 सितारा होटल में बैठकर इस संबंध में जानकारी जुटा रहे हैं?"
इन सभी आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने में पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई का हाथ है। आईएसआई आतंकियों के साथ मिल कर भारत में किसी बड़े हमले को अंजाम देकर अमन और शांति भंग करने की साज़िश रच रही है।
आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से डोभाल ने जम्मू-कश्मीर में ही डेरा डाल रखा था। उनके दिल्ली लौटने के बाद जम्मू-कश्मीर के मसले पर यह पहली शीर्ष बैठक है।
दो बीएसएनएल कर्मचारियों के निलंबन के बाद यह सवाल फिर से उठने लगा है कि पाकिस्तान परस्त अलगाववादियों का नेक्सस कितना बड़ा है और इसमें किस-किस स्तर के लोग शामिल हैं? रणनीतिक मामलों के जानकार दिव्य कुमार सोती ने निलंबित कर्मचारियों के 'इस्लामिक लिंक' की जाँच कराने की माँग की है।
शेहला के दावों को खारिज करते हुए सेना ने कहा है कि असामाजिक तत्व और संगठन लोगों को भड़काने के लिए फर्जी खबरें फैला रहे हैं। जम्मू के डिविजनल कमिश्नर कहा है कि अफवाह फैलाने वाले लोगों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।
खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक संदिग्ध केरल से बेंगलुरु में दाखिल हुए हैं और माना जा रहा है कि वे शहर के 'धार्मिक स्थानों' में छिपे हो सकते हैं। आतंकी हमले को लेकर इंटेलीजेंस इनपुट मिलने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने हाई अलर्ट घोषित किया है।
ट्वीट में शेहला ने जम्मू-कश्मीर की हालत बेहद खराब होने का दावा करते हुए सशस्त्र बलों पर कश्मीरियों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। सेना ने इसे खारिज करते हुए कहा है कि असामाजिक तत्व और संगठन लोगों को भड़काने के लिए फर्जी खबरें फैला रहे हैं।
“पाकिस्तान के सिंध का एक डाकू कश्मीर में लड़ाई लड़ना चाहता है। जैसे कि अब तक जो लोग कश्मीर में लड़ने के लिए आए थे, वे कमजोर डाकू थे। पाकिस्तानी सेना हमेशा से ही अपना काम ऐसे डाकुओं को आउट सोर्स कर करती रही है।"