जम्मू और कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने मीडिया को बताया कि ईद का त्योहार शांतिपूर्ण और पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि कश्मीर घाटी के सभी क्षेत्रों में, लोग अपनी स्थानीय मस्जिदों में आते-जाते रहें, इसके लिए सुरक्षा मानदंडों में ढील दी गई है।
प्रशासन के मुताबिक आवश्यक वस्तुओं का राज्य में पर्याप्त स्टॉक है। 65 दिनों का गेहूॅं, 55 दिनों का चावल, 17 दिनों का मटन, एक महीने का चिकन, 35 दिनों का मिट्टी का तेल, एक महीने का गैस सिलेंडर और 28 दिनों के पेट्रोल का राज्य में स्टॉक है।
कश्मीर के आईजी एसपी पाणि ने भी पुलिस फायरिंग की ख़बरों को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, "कुछ इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस फायरिंग का दावा किया गया है, जो पूरी तरह गलत है। ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। पिछले एक हफ्ते से घाटी में शांति है।"
डोवाल का बकरीद के ठीक पहले लगभग 98% मुस्लिम जनसंख्या वाले अनंतनाग जाना न केवल सीमा-पार से हिंसा भड़काने वालों बल्कि स्थानीय जिहादियों और कट्टरपंथियों के लिए भी स्पष्ट संदेश है कि सरकार संवेदनशील इलाकों को सीधे 'हैंडल' कर रही है।
अलगाववादी संगठन ने भारत के संविधान के प्रति आस्था जताई। संगठन के नेताओं ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुलाकात की। NLFT-SD के सभी उग्रवादियों ने मुख्यधारा में लौटने की बात कहते हुए हथियार छोड़ने का संकल्प लिया।
गृह मंत्रालय ने अपने ट्वीट में कहा कि रायटर्स और डॉन में छपी खबरों में इस तरह के दावे किए गए कि श्रीनगर में 10,000 लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। यह पूरी तरह मनगढ़ंत है। श्रीनगर और बारामूला में छिटपुट प्रदर्शन हुए, लेकिन इसमें 20 से अधिक लोग नहीं थे।
राज्यपाल सत्यपाल मलिक के अनुसार, लोग बकरीद मना सकें इसके लिए प्रशासन ने राज्य में सभी आवश्यक इंतज़ाम कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में दो महीने का राशन है, पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी का स्टॉक मौजूद है।
अलगाववादियों के लश्कर और हिज्बुल जैसे आतंकी संगठनों के साथ सम्बन्ध सामने आए हैं। ईडी को पता चला है कि अलगाववादियों, आतंकियों व कश्मीरी नेताओं के पास पाकिस्तानी उच्चायोग से भी सीधे फंड पहुँचाया गया।
भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि ईस्टर्न और वेस्टर्न सीबोर्ड्स पर नेवी को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील स्थलों पर रडार की तैनाती की है और कड़ी नजर रखी जा रही है। पंजाब में बड़ी संख्या में जैश के कैम्प सीमा के नजदीक शिफ्ट करने की भी सूचना है।