जाँच एजेंसी ने बर्दवान धमाके को भारत में JMB की बड़ी साज़िश का हिस्सा बताया था। उसके मुताबिक भारत में लोगों को उग्रवाद की ओर मोड़ने, उनकी JMB में भर्ती और उन्हें ट्रेनिंग और हथियार मुहैया कराने के मकसद से हो रहे इस ऑपरेशन का अंतिम ध्येय भारत और बांग्लादेश में आतंक फ़ैलाने और इन देशों की लोकतान्त्रिक ढंग से चुनी गई सरकारों के खिलाफ जंग छेड़ना था।
बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में तो ट्वीट का सही अनुवाद किया है, लेकिन उनकी इस रिपोर्ट का उस तथ्य/वीडियो से कोई लेना-देना नहीं है, जिसमें BBC ने बहुत सारे लोगों के विरोध करने और सुरक्षाबलों द्वारा उन पर पेलेटगन इस्तेमाल करने का दावा किया था।
इन मीडिया संस्थानों से 'कश्मीर में 10000 लोगों का विरोध प्रदर्शन' वाली खबर को लेकर असली वीडियो माँगा गया था। लेकिन अभी तक ये वीडियो नहीं दे पाए हैं। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने पुष्टि करते हुए कहा कि सभी लोग बीबीसी उर्दू के वीडियो का जिक्र कर रहे हैं लेकिन...
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार रोजाना स्थिति का जायजा ले रही है और ऐसे में स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया जाए। अगर ऐसा ही रहा तो आप बाद में बताना हम तब मामले को देखेंगे। फिलहाल सुनवाई 2 हफ्ते के लिए टाल दी गई है।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि फेक न्यूज़ फैला रहे ट्विटर हैंडल्स को पाकिस्तानी एजेंसी ISI और पाक फ़ौज ऑपरेट कर रही है। कश्मीर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल स्वयं प्रकाश ने बताया कि ये ट्विटर हैंडल्स जम्मू-कश्मीर से ऑपरेट नहीं किए जा रहे हैं।
पाकिस्तान की समस्या यह है कि उसका दम्भ भी भीख पर टिका हुआ है और अमेरिका समेत कई यूरोपीय देशों ने उसके कटोरे में सिक्के डालने से मना कर दिया है। अब पाकिस्तान उस कटोरे को बेच कर नान और टिमाटर का जुगाड़ कर सकता है, लेकिन भारत से युद्ध की सोचने पर भी, उसकी हालत यह होगी कि वहाँ की जनता भारत के बमों से नहीं, भूख से मर जाएगी।
इनकी मूर्खता आप देखिए कि खुद खाने के लाले पड़े हैं और चाहते हैं कि कश्मीर ले कर उन्हें भी अपने जैसा बना देंगे। यही तो खिलाफत है कि खलीफा के शासन में सारे लोग सिर्फ इसलिए खुश रहें कि अब तो हम इस्लामी खिलाफत में हैं और शरिया कानून है यहाँ। वो रुक कर ये तक नहीं सोचते कि ऐसे शासन में उनका जीवन स्तर क्या होगा?
जम्मू और कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने मीडिया को बताया कि ईद का त्योहार शांतिपूर्ण और पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि कश्मीर घाटी के सभी क्षेत्रों में, लोग अपनी स्थानीय मस्जिदों में आते-जाते रहें, इसके लिए सुरक्षा मानदंडों में ढील दी गई है।
प्रशासन के मुताबिक आवश्यक वस्तुओं का राज्य में पर्याप्त स्टॉक है। 65 दिनों का गेहूॅं, 55 दिनों का चावल, 17 दिनों का मटन, एक महीने का चिकन, 35 दिनों का मिट्टी का तेल, एक महीने का गैस सिलेंडर और 28 दिनों के पेट्रोल का राज्य में स्टॉक है।