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बकरीद से पहले J&K में हालात सामान्य: 17 दिनों का मटन, 30​ दिनों का चिकन मौजूद

राज्य में विरोध-प्रदर्शन और फायरिंग से जुड़ी खबरों को प्रशासन पहले ही खारिज कर चुका है। बकरीद के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसके लिए प्रशासन कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है।

कल यानी सोमवार को बकरीद है। उससे पहले जम्मू-कश्मीर में हालात पूरी तरह सामान्य है। आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी करने का राज्य के आम जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। रविवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में दुकानें खुली रही और लोगों ने जमकर खरीदारी की।

राज्य में विरोध-प्रदर्शन और फायरिंग से जुड़ी खबरों को प्रशासन पहले ही खारिज कर चुका है। बकरीद के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसके लिए प्रशासन कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है। प्रशासन के मुताबिक आवश्यक वस्तुओं का राज्य में पर्याप्त स्टॉक है। 65 दिनों का गेहूॅं, 55 दिनों का चावल, 17 दिनों का मटन, एक महीने का चिकन, 35 दिनों का मिट्टी का तेल, एक महीने का गैस सिलेंडर और 28 दिनों के पेट्रोल का राज्य में स्टॉक है।

प्रशासन ने बताया है कि 300 स्पेशल टेलीफोन बूथ बनाए गए है ताकि लोग अपने रिश्तेदारों से संपर्क कर सकें। अलीगढ़ और अन्य जगहों पर दिल्ली में मौजूद रेजिडेंट कमिश्नर के जरिए लाइजन ऑफिसर तैनात किए गए हैं, जो यहाँ रह रहे लोगों की घाटी में स्थित अपने परिवार से बात करवाने में मदद करेंगे।

कश्मीर डिवीजन के 3,697 राशन दुकानों में से 3,557 खुले हुए हैं। सब्जी, गैस सिलेंडर, चिकन और अंडे लोगों को मोबाइल वैन के माध्यम से घर तक पहुॅंचाने की भी मुकम्मल व्यवस्था प्रशासन ने की है।

पूंछ में आज धारा 144 में छह घंटे की ढील दी गई ताकि लोग बकरीद को लेकर खरीदारी कर सके। योजना आयोग श्रीनगर के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने बताया कि लोग बिना किसी परेशानी के अपने घर पहुॅंच सके इसके लिए श्रीनगर हवाई अड्डे और बस अड्डों पर वाहनों की विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि जहॉं कहीं भी प्रतिबंध लागू हैं वहॉं लोगों की सहूलियत का ध्यान रखते हुए ढील दी गई हैं। कश्मीर के उपायुक्त बशीर खान ने बताया कि घाटी में राशन दुकानें खुली हैं और लोग खरीदारी कर रहे हैं। जगह-जगह प्रतिबंधों में छूट दी गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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