राष्ट्रीय सुरक्षा

आतंकियों को कुत्ते की मौत मारने के दस फायदे, छठा आपको 72 हूरों के पास भेज देगा

सुरक्षाबलों ने आतंकियों को कुत्ते की मौत दे दी। अब, जबकि वो मार गिराए गए हैं और भारत सरकार की नई जीरो टॉलरेंस नीति के हिसाब से साल के दो सौ आतंकी निपटाए जा रहे हैं, तो इससे कई सकारात्मक बातें सामने आती हैं........

कश्मीर में केन्द्र ने भेजे 10 हजार और जवान, 35A खत्म करने की अटकलें

जम्मू-कश्मीर में अभी राज्यपाल शासन है। इससे पहले देशभर से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 100 कंपनियों को 24 फरवरी को कश्मीर भेजा गया था। उस समय लोकसभा चुनाव के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था का हवाला देते हुए तैनाती की गई थी।

जम्मू-कश्मीर में जैश का शीर्ष कमांडर मुन्ना लाहौरी उर्फ बिहारी साथी संग ढेर

लाहौरी 30 मार्च को बनिहाल में सेना के काफिले को निशाना बना कर किए गए कार धमाके और पुलवामा के अरिहाल में 17 जून को सेना के वाहन पर किए धमाके में शामिल था, जिसमें दो सैनिकों की जान चली गई थी और नौ अन्य घायल हुए थे।

अक्षरधाम मंदिर पर हमले का मुख्य आरोपित यासीन बट अनंतनाग में गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद से यासीन बट को साउथ कश्मीर के अनंतनाग से पकड़ा गया। वहाँ से गुजरात एटीएस की स्पेशल टीम उसे अहमदाबाद ले गई।

1984 से चल रही थी कारगिल की तैयारी, हवा में मुशर्रफ़ को बर्खास्त कर कुर्सी गँवा बैठे नवाज़ शरीफ़

अंत में चेते नवाज़ शरीफ ने मूर्खतापूर्ण कदम उठाते हुए मुशर्रफ़ को उस समय बर्खास्त कर दिया जब मुशर्रफ़ श्री लंका दौरे लौटते हुए एक हवाई जहाज में थे।

कारगिल के 20 साल: गाथा चार वीरों की, जो हमें बार-बार सुननी चाहिए

ब्रिज मोहन सिंह ने गंभीर रूप से घायल होकर वीरगति को प्राप्त होने के पहले पाँच पाकिस्तानियों को मौत की नींद सुला दिया, जिसमें से दो को तो उन्होंने केवल अपने खंजर (कमाण्डो नाइफ़) से मारा। अपनी जान और सुरक्षा की परवाह किए बिना दिलेरी और शौर्य की मिसाल खड़ी करने वाले ब्रिज मोहन सिंह को वीर चक्र से नवाज़ा गया।

कारगिल: कहानी उन हीरोज की जिनके आगे पस्त हो गया पाकिस्तान का ‘डर्टी-4’

सौरभ कालिया और अन्य भारतीय सैनिकों पर किए गए बर्बर अत्याचार को पाकिस्तान के सैनिकों ने कई बार स्वीकार किया है। हालाँकि, धूर्त पाकिस्तान ने आधिकारिक रूप से कभी यह स्वीकार नहीं किया कि कारगिल युद्ध में उसके सैनिक शामिल थे।

कारगिल के 20 साल: देश का ऐसा शूरवीर, जिसे मारने के लिए पाकिस्तान ने चलाया ‘ऑपरेशन शेरशाह’

20 जून 1999 की सुबह 3:30 बजे विक्रम बत्रा और उनके साथियों ने प्वाइंट 5410 पर फिर से तिरंगा लहरा दिया। इस जीत के बाद विक्रम बत्रा ने कहा था, “यह दिल माँगे मोर।” विक्रम के जज़्बे को देखते हुए यूनिट ने उनको नया नाम दिया ‘शेरशाह’ यानी ‘शेरशाह ऑफ़ कारगिल’।

मुस्लिम क्षेत्र से कांवड़ यात्रा निकली तो बरेली जंक्शन को उड़ा देंगे: इंडियन मुजाहिदीन

"मैं एरिया कमांडर आइएम, रेलवे स्टेशन मास्टर को अवगत कराता हूँ कि मुसलमान क्षेत्र में कांवड़ यात्रा निकली तो जंक्शन को उड़ा दूँगा। अभी मैं शांति से काम चाहता हूँ। आप शासन-प्रशासन को अवगत करा देना।"

संगठन ही नहीं, अब व्यक्ति भी घोषित होगा आतंकी, नहीं बचेंगे अर्बन नक्सल, हुआ कानून में बदलाव

विपक्ष के इस संशोधन के दुरुपयोग की चिंता पर भी शाह ने सदन को आश्वस्त किया कि कानून का इस्तेमाल केवल आतंक को जड़ से उखाड़ने के लिए ही किया जाएगा।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें