अशोका यूनिवर्सिटी में आयोजित दीक्षांत समारोह में फिलिस्तीन के समर्थन में तख्तियाँ दिखाई गईं। इससे पहले इस संस्थान में हिन्दू विरोधी नारे भी लग चुके हैं।
जो चैतन्य महाप्रभु की भूमि थी, उसे पहले 1946 के नरसंहार के बाद खंडित किया गया और अब भी वहाँ शरिया ही चलाया जा रहा है। सीरिया से लेकर तमिलनाडु तक ऐसे उदाहरण भरे पड़े हैं। मोपला से लेकर चोपरा तक, खून हिन्दुओं का ही बहता है।
कुछ दिनों पहले इसी दुकान के एक कर्मचारी को गुदा में 1 किलो सोना छुपाते हुए पकड़ा गया था। इसके साथ ही एक यात्री भी पकड़ा गया था जो कि आगे श्रीलंका जा रहा था। पूछताछ के बाद पूरे गैंग का खुलासा हुआ।