ऑपइंडिया से बात करते हुए अधिवक्ता शशांक शेखर झा ने पूछा कि पुलिस ने FIR में 304 की जगह कमजोर धारा 304A क्यों लगाई? उन्होंने कहा कि इस मामले में गलत संदेश गया है, अगर भीड़ ने न्याय व्यवस्था पर भरोसा करने की बजाए खुद हिंसा करना शुरू कर दिया तो ये ठीक नहीं होगा।
ट्टरपंथी माने जाने वाले रईसी ईरान के मुख्य न्यायाधीश भी रहे थे। उन्हें 2019 में ईरान का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया था। रईसी को सेना, न्यायपालिका और IRGC का बेहद करीबी माना जाता था।
रवीश कुमार ने रक्षा मंत्री का आधा-अधूरा बयान लेकर यह फैलाया कि वो आरक्षण खत्म करने की बात कर रहे हैं जबकि राजनाथ सिंह ने तो साफ कहा कि आरक्षण खत्म नहीं होगा।