इन फोटोग्राफ में रंगराज के नेतृत्व में उनकी मेडिकल टीम के सदस्य घाटियों में, जंगलों में, दुर्गम स्थानों में, अस्पतालों में और ऐसे ही कोरियाई युद्ध के कई क्षेत्रों में दक्षिण कोरिया के सैनिकों का उपचार करते हुए देखे जा सकते हैं।
इस बीमारी में ऐसा नहीं होता कि मरीज दिन या रात को सोए बल्कि सेकंडरी या एक्सिस हायपरसोम्निया का मरीज कई-कई दिनों तक सोता ही रहता है, जैसा कि पुरखाराम के मामले में दिखाई दिया।