ऐसा करने में विफल रहने पर क्या कार्रवाई की जाएगी यह नहीं बताया गया है। दिल्ली को एनएफएसए के तहत लाभार्थियों को बाँटने के लिए हर महीने 36,000 टन चावल और गेहूँ मिलता है।
पूनम की यह बात सुनने के बाद सैम ने मीडिया को साफ किया कि बहुत बड़ा फिश टैंक है छोटा सा नहीं है। इसलिए ऐसा मत सोचिए कि छोटे से फिश टैंक में इसे डाल दिया।