अगर सारे फालतू दृश्यों को हटा दें तो ये फिल्म मात्र 10 मिनट में निपटाई जा सकती है। ये समझ से परे है कि जो चीज 10 मिनट में दिखाई जा सकती थी, उसे 2 घंटे में क्यों दिखाया गया?
इससे पहले भाजपा ने बताया था कि कैसे टूलकिट में निर्देश हैं कि कुंभ को सुपर स्प्रेडर कुंभ कहा जाए ताकि लोगों को एहसास हो कि सभी समस्याओं के लिए लिए हिंदू नीतियाँ जिम्मेदार हैं।