12 जुलाई 2019 को उनकी सुरक्षा के साथ एक भारी खिलवाड़ हुआ और उन्हें हाइड्रोजन साइनाइड दिया गया। इस जहर का असर इतना भयावह था कि उन्हें मिर्गी आई, उनकी यादश्त चली गई।
कोर्ट ने कहा कि खजूरी खास में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में उमर खालिद के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, जिससे इस मामले में जाँच को आगे बढ़ाया जा सकता है।
पुलिस ने कहा है कि इस प्रकरण में वर्तमान विधि व्यवस्था के अनुसार जो सुसंगत था वह एक्शन लिया है, यदि पुलिस एक्शन न लेती तो बहुत से लोग उलटी/भिन्न प्रतिक्रिया देते।
परमार वंश के महाराजा उदयादित्य के राजमहल के एक बंद दरवाजे पर टँगा वह साइनबोर्ड नए इतिहास की घोषणा कर रहा है- ‘निजी संपत्ति, उदयपुर पैलेस, वार्ड नंबर-14, खसरा नंबर-822, काजी सैयद इरफान अली, काजी सैयद महबूब अली, काजी सैयद अहमद अली।’