भारतीय किसान यूनियन की याचिका में माँग की गई है कि कृषि सुधार क़ानूनों से संबंधित पूर्व याचिकाओं पर सुनवाई हो। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि क़ानून कृषि क्षेत्र को निजीकरण की तरफ लेकर जाएँगे।
एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार के यूपीए चेयरपर्सन बनने की अटकलों को प्रवक्ता ने खारिज किया है। उनका कहना है कि ये सब किसान आंदोलन से ध्यान भटकाने के लिए हुआ।
कॉन्ग्रेस ने एक तरफ जहाँ इस मुद्दे को देशी और स्वदेशी से जोड़ दिया। वहीं पार्टी के प्रवक्ता ने यह कह दिया कि नया संसद भवन बनाना, अंतिम संस्कार के वक्त डीजे बजाने के बराबर है।
“तुम्हारी (इमरान खान) सरकार खुद काँप रही है और अंदाज़ा नहीं है कि आगे क्या करना है। पाकिस्तान सरकार के लिए स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें इस बात का अंदाज़ा नहीं है कि छुपना कहाँ है।”
बूता सिंह ने कहा ने कहा कि उनका यह निर्णय आज की मीटिंग में लिया गया है कि अब भारत के सभी लोग पटरियों पर उतरेंगे। संयुक्त किसान मंच इसकी तारीख तय करेगा और घोषणा होगी।