एर्टुग्रुल को इतिहासकारों ने ‘गाजी’ कहकर संबोधित किया है। इस्लाम में ‘गाजी’ की उपाधि मूर्तिपूजकों, गैर-मुस्लिमों, अल्लाह को न मानाने वाले अथवा काफिरों की हत्या करने वाले को दी जाती है।
फरार चल रहे तबलीगी जमात के मुखिया मौलाना साद को दिल्ली के एक मस्जिद में देखे जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि उसने 20 लोगों के साथ नमाज पढ़ी थी।