गोरखपुर में एक कोरोना अस्पताल बनाया जाएगा, ऐसा स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है। इस अस्पताल में गुरु गोरक्षनाथ अस्पताल के 154 बेड्स और 4 वेंटिलेटर का इस्तेमाल किया जाएगा।
"मेरा पिया घर आया ओ राम जी। राम जी डोंट गिव अ फ़*** अबाउट पिया। यह सुन राम जी कहते हैं मैं खुद चौदह साल से घर नहीं गया। अगर सीता ने सुन लिया, वो तो शक करेगी। सीता को तो माधुरी पे पहले से ही शक है।
पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने और देखते ही देखते पुलिस के खिलाफ नारेबाजी के साथ विरोध कर रहे लोगों ने ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस टीम अपनी जान बचाकर वहाँ से मंडी थाने पहुँची।
एक तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लाखों लोगों के भोजन की व्यवस्था का दावा कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रवासी श्रमिकों की जो तस्वीरें आ रही है वह उनके दावों की पोल खोल रहे हैं। इन्हें एक वक्त का भोजन नसीब है और वह भी एक गुरुद्वारे से मिल रहा।
प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह का इस मामले में कहना है कि नेपाली जमातियों को सपहा क्वारंटाइन केंद्र पर एम्बुलेंस से भेजा गया है। मेडिकल जाँच के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है।
“भारत के प्रधान मंत्री और गृह मंत्री सहित भारत सरकार की सर्वोच्च आनुषंगिक संस्थाओं के खिलाफ भड़काऊ संदेश फैलाने वाले दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम- मोहम्मद इलियास और अब्दुल बशीर हैं। दोनों मिकाल्टो बिसाया फेसबुक पेज से जुड़े हुए थे।”
सघन आबादी वाला यह मजहब विशेष बहुल इलाका संक्रमण का हॉटस्पॉट बना हुआ है। यहॉं मेडिकल टीम पर हमला हो चुका है। कर्फ्यू तोड़ भागने और प्रशासन को गुमराह करना तो आम बात है। जानिए, कैसे बिगड़े हालात।
मैग्जीन ने दावा किया था कि ICMR टास्क फोर्स को मोदी सरकार ने किनारे कर दिया है। टास्क फोर्स के अध्यक्ष विनोद पॉल ने ऑपइंडिया को बताया कि मीडिया की ऐसी हरकतों से, महामारी के इस दौर में, एक राष्ट्रीय स्तर की लड़ाई में हानि ही होती है।
4 अप्रैल को एक कोरोना पॉजीटिव मिलने के बाद पूरे इलाके को सील कर स्क्रीनिंग करवाने का फैसला किया गया। 40 हजार लोग इसके दायरे में थे। लेकिन, 25 मुस्लिम परिवारों की मनमानी ने पूरी कवायद पर ही पानी फेर दिया है।
"जमात से जुड़े एक युवक की कोरंगामाल गाँव में पत्नी के पास लौटने की उन्हें सूचना मिली थी। सूचना पर उन्होंने जब गाँव पहुँचकर जाँच की तो पता चला युवक तो कई महीनों से गाँव ही नहीं आया। लेकिन इस जानकारी के बाद टीम सतर्क हो गई और निगरानी बनी हुई है। यदि युवक लौटता है तो उसे पहले क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। गाँव वाले भी इसे लेकर काफी सतर्क हैं।"