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PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक पोस्ट: PFI का इलियास और बशीर गिरफ्तार

प्राथमिक जाँच में आरोपितों का संबंध कट्टरपंथी इस्लामिक समूह पीएफआई और SDPI से उजागर हुआ। पूछताछ में दोनों ने बड़े नेटवर्क का भी खुलासा किया है। अब पुलिस की साइबर टीम इन जानकारियों के आधार पर अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर मंगलुरू पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान मोहम्मद इलियास और अब्दुल बशीर के रूप में हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों कोरोना वायरस के संबंध में देश में प्रधानमंत्री व गृहमंत्री के ख़िलाफ़ नफरत भरे मैसेज फैलाने का काम कर रहे थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को मंगलवार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने कट्टरपंथी समूह पीएफआई से संबंध रखने की बात कबूली है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार इलियास और बशीर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ मिकाल्टो बिसाया (Mikalto Bisaya) नामक फेसबुक पेज पर भड़काऊ पोस्ट साझा कर रहे थे। साथ ही कोरोनोवायरस महामारी को लेकर गलत जानकारी भी फैला रहे थे।

मंगलुरू के पुलिस कमिश्नर हर्ष ने दोनों युवक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, “भारत के प्रधान मंत्री और गृह मंत्री सहित भारत सरकार की सर्वोच्च आनुषंगिक संस्थाओं (Highest funtionaries of government of India) के खिलाफ भड़काऊ संदेश फैलाने वाले दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम – मोहम्मद इलियास और अब्दुल बशीर हैं। ये दोनों मिकाल्टो बिसाया फेसबुक पेज से जुड़े हुए थे।”

जानकारी के अनुसार, प्राथमिक जाँच में आरोपितों का संबंध कट्टरपंथी इस्लामिक समूह पीएफआई और SDPI से उजागर हुआ। पूछताछ में दोनों ने बड़े नेटवर्क का भी खुलासा किया है। अब पुलिस की साइबर टीम इन जानकारियों के आधार पर अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। इनमें से कुछ बॉर्डर पार भी हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपितों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी।

एक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति कोरोना पर काबू पाने के प्रयासों को विफल करने की कोशिश करेगा, तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इन आरोपितों के खिलाफ़ महामारी रोग अधिनियम 1897, धारा 67 सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, धारा 54 आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, और धारा 188, 153, 505 आईपीसी के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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