शौहर पुलिस से: बहुत समझाता हूँ कि धरने पर मत जाओ, लेकिन चली जाती है, क्या करें! तभी बीवी अंदर से भाग कर आती है और डाँटते हुए कहती है: "तुमने कहा था कि धरने में जाओ।"
इलाके के नालों से निकलती लाशों से वहाँ पर हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी नालों से और भी शव निकल सकते हैं। स्थानीयों की मानें तो दंगाइयों ने हत्या करने के बाद शव को छिपाने के लिहाज से उन्हें नाले में फेंका था, इसलिए...
कर्नाटक कॉन्ग्रेस सोशल मीडिया सेल के अध्यक्ष श्रीवत्स ने लिखा कि उस फैजान का क्या, जिसे दिल्ली पुलिस ने 'लाठी से पीट-पीट कर मार डाला?' उन्होंने दावा किया कि बाकी के 40 पीड़ित परिवारों को यूँ ही छोड़ दिया गया है। इसी तरह बाकी इस्लामी कट्टरपंथी भी गुस्से में नज़र आए।
पीएम के इस निर्णय के बाद तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोगों ने अंदेशा जताया कि जिस तरह से सोशल मीडिया पर हिंदुत्व और राष्ट्रवादी विचारधारा के लोगों को बदनाम किया जाता है, कहीं इसीलिए तो पीएम मोदी सोशल मीडिया को अलविदा नहीं कहने जा रहे हैं?
दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों में व्यस्त होने का फायदा उठा शाहरुख़ पुलिस को चकमा दे निकल भागा था, अब उसके पिता और भाई के भी फरार हो जाने की खबरें आ रही हैं।
जहाँ भी उन्हें लगा कि बीमा और सरकारी मुआवजे का लाभ मिल सकता है, वहाँ दुकान से दो फर्नीचर बाहर निकाले और खुद ही लगा दी आग। उनकी तैयारी इतनी तगड़ी थी कि दूसरे मजहब के लोग अपने बच्चों को काफ़ी पहले ही स्कूल से ले गए और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया था।
जहाँ तक शौकत की बात है, इस घटना के बाद वो और भी ज्यादा फँस गया है। उस पर पुलिसकर्मियों ने और भी कई केस ठोक दिए हैं। उस पर पहले से जो मामले चल रहे थे सो अलग। घर के खाने को लेकर पुलिस से की गई अभद्रता का उसे अच्छा सबक मिला है।
सारा अब्दुल्लाह पायलट की याचिका पर आज जम्मू कश्मीर प्रशासन ने अपना पक्ष रखा। जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पिछले 7 महीने से राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह को हिरासत में रखे जाने को जरुरी बताया।
दिल्ली विधानसभा की 'शांति और सद्भाव' कमेटी के चेयरमैन आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कमेटी की पहली मीटिंग के बाद आज अफवाह फैलाने वालों के प्रति दिल्ली सरकार के सख्त रवैय्ये को दर्शाने की कोशिश की।
वो आइआइटी कानपुर से पढ़ा हुआ है और फ़िलहाल इंटेल की बेंगलुरु ऑफिस में कार्यरत है। उसने दीनदयाल उपाध्याय के नाम से 'पंडित' हटा दिया। उसने दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन का नाम हटा दिया। वो लगातार ऐसी एडिटिंग कर के हिन्दू-घृणा से ग्रसित लेख बना रहा है।