सोशल मीडिया पर चाँदबाग की वो वीडियो सैलाब की तरह तैर रही है, जिसमें मुस्लिम महिलाओं ने पुलिस अधिकारियों पर पत्थर से हमला कर उन्हें घायल किया। लेकिन, इसके बाद भी सुशांत सिंह पूछते हैं कि दिल्ली की हिंसक भीड़ में औरतें थीं क्या? मैंने तो नहीं सुना। सोचिए कितना शर्मसार करने वाला है सुशांत का ये ट्वीट।
जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के मुखिया मौलाना फजलुर रहमान की माँग है कि प्रशासन ऐसी रैलियों पर तत्काल रोक लगाए। उनका कहना है कि इस्लाम में महिलाओं को जितने अधिकार दिए गए हैं, उससे आगे नहीं बढ़ना चाहिए। वकील अज़हर सिद्दीकी का कहना है कि ये मार्च पश्चिमी अजेंडा का हिस्सा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ये आरोप लगाने से भी नहीं चूके कि केंद्र सरकार अपनी सारी शक्तियों का इस्तेमाल एक ख़ास अल्पसंख्यक तबके को निशाना बनाने के लिए कर रही है। पवार का मानना है कि देश के मुस्लिमों से ये साबित करने को कहा जा रहा है कि वो इस देश के नागरिक हैं या नहीं?
कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने इस एनकाउंटर की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शोपियाँ जिले के खाजपुरा रेबन इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच आज हुई मुठभेड़ में दो आतंकियों को ढेर किया गया। उनके शव बरामद कर लिए गए हैं और पहचान की जा रही है।
“इस चरमपंथी समूह के विचारों से डर फैलता है जिससे लोग डरते हैं और घबराते हैं। अगर हम डरते हैं और घबराते हैं, तो वे जीत जाते हैं। हम इस धमकी का जवाब नहीं देंगे।”
इरेना का कहना है कि इसी जलन और हीनता की भावना का शिकार होकर हिन्दू मर्द मुस्लिमों के व्यापार और घरों को नुकसान पहुँचाते हैं, जला डालते हैं- ताकि मुस्लिम महिलाओं को बेइज्जत कर सकें। उन्होंने ये नहीं बताया कि महिलाओं को बुर्के में कैद रखना किस समाज की संस्कृति का हिस्सा है?
पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि आखिरकार इनका नेटवर्क किस प्रकार से जामिया में सीएए के ख़िलाफ़ चल रहे प्रोटेस्ट में काम कर रहा था व किस प्रकार से इन्हें फंंडिंग हो रही थी और दिल्ली में चल रहे सीएए के विरोध प्रदर्शन में इसका इस्तेमाल कैसे किया गया।
जब पीड़िता नशे की अवस्था में थी तो परवेज उसे गाजियाबाद के होटल में ले गया। यहाँ उसके साथ 3-4 दिन तक रेप किया गया। इसके बाद परवेज उसे नशे की हालत में ही चंडीगढ़ कोर्ट में ले गया, जहाँ उससे कोर्ट में कुछ कागजातों पर जबरन दस्तखत करवाए गए। इसके बाद नशे की हालत में उसके साथ अश्लील वीडियो बनाए गए।