गुलाम फई कश्मीर में पैदा हुआ। 1980 में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा। इसके बाद कश्मीर से भागकर सऊदी अरब चला गया। फिर किंग फैसल फाउंडेशन के जरिए वो अमेरिका चला गया। अब भारत विरोधी प्रोपेगेंडा में फई इतना बड़ा नाम है कि पाकिस्तान से 4 मिलियन डॉलर लेकर...
हिंसा के काफी समय बाद तक पुलिस का शक शाह आलम की तरफ नहीं गया था। जिसके कारण उसके ऊपर कोई एफआईआर नहीं हुई और न ही उससे कोई पूछताछ हुई। बस फिर क्या था, इसी का फायदा उठाकर वह फरार हो गया।
पश्चिम बंगाल की 5 राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होने हैं। ऐसे में पश्चिम बंगाल में विधायकों के आँकड़े के लिहाज से 4 राज्यसभा सीटें टीएमसी के हिस्से में जाना तय हैं और बाकी एक सीट अन्य के खाते में जा सकती है।
मस्जिद को ढकने के लिए दो तरह के तिरपालों का प्रयोग किया गया है। एक काले तिरपाल और एक लाल-पीले तिरपाल का प्रयोग किया गया है। अलीगढ़ में होली पर व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए क़रीब 5000 लोगों नोटिस जारी किया गया है और 1000 लोगों को पाबंद किया गया है।
बाइक टकराने को लेकर हुई इस झड़प को मीडिया रिपोर्ट्स में साम्प्रदायिक हिंसा का रूप देकर पेश किया जा रहा है। लेकिन ऑपइंडिया ने जब थाने में संपर्क किया तो पुलिस ने कहा कि इस घटना में साम्प्रदायिक हिंसा जैसा कोई मामला नहीं है।
गाँव के लोग मोहम्मद सरफराज को पुलिस के हवाले करने के बजाए पंचायत ले गए। पंचायत का फैसला आश्चर्यजनक रहा। फैसले के अनुसार, सरफराज को टकला करके जूते-चप्पल की माला पहनाकर गाँव में घुमाया गया और फिर छोड़ दिया गया। पीड़िता के पिता केस करना चाह रहे थे, लेकिन कुछ लोगों ने मना कर दिया।
कपिल मिश्रा ने ऐलान किया कि इन दंगों में जिन 7 लोगों की नृशंस हत्या की गई, उन सभी को 3-3 लाख रुपए दिए जाएँगे। वहीं, 5 गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख रुपए दिए जाएँगे जबकि 3 पीड़ित परिवारों को 1-1 लाख रुपए दिए जाएँगे।
मेरठ को 3 सुपर जोन, 9 जोन और 31 सेक्टरों में बाँटकर सुरक्षा की जा रही है। होली पर हुड़दंग करने वालों का पिछले पाँच साल का रिकॉर्ड खँगालकर उनको पकड़ने के लिए पुलिस ने अभियान चला रखा है। इसमें अभी तक 250 बवालियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश राय के काफिले पर कल रात मेंहनगर में पथराव किया गया। इस पत्थरबाजी के कारण उनका वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। करीब 4 से 5 की संख्या में अराजक तत्वों ने उनके काफिले पर पथराव किया।
"मेरे पास अंग्रेजी और हिंदी दोनों संघीय भाषा में बोलने का अधिकार है। लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि अगर मैं भारत में रहना चाहती हूँ तो मुझे मराठी सीखनी पड़ेगी।”