“हम में से बहुत ही कम लोगों को पता है कि कश्मीर कभी 100 फीसदी हिंदू राज्य था। जो लोग भी वहाँ जाते हैं, उन्हें कश्मीर म्यूजियम जरूर जाना चाहिए और देखना चाहिए कि वहाँ क्या है, वो आपको प्राचीन कश्मीर के इतिहास की स्पष्ट तस्वीर दिखाता है। इससे आपको प्राचीन कश्मीर को समझने में मदद मिलेगी।”
जब दुकान मालिक अनिल पाल पुलिस के साथ अपनी दुकान का हाल जानने वहाँ पहुँचे तो उन्हें मृतक नेगी का शरीर दूसरी मंजिल पर सीढ़ी के पास मिला, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो दंगाइयों को देखकर बिल्डिंग से कूदने की कोशिश कर रहे थे।
“मेरी बेटी गार्गी कॉलेज में पढ़ती है। वह 5 दिन से घर लौटकर नहीं आई है। अपनी दोस्त के साथ पीजी में रूकी हुई है। अगर यही माहौल रहा तो हम यहाँ नहीं रहेंगे, गाँव से जमीन बेचकर यहाँ आए थे, अब यहाँ से बेचकर कहीं और चले जाएँगे।”
दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगे कोई अकस्मात घटने वाली घटना नहीं थी, बल्कि यह एक पूर्व नियोजित और पूरी तैयारी के साथ रची गई साजिश थी। ताहिर हुसैन के घर के पास इतना ज्यादा पत्थर था कि उससे एक मंजिला मकान बन सकता है। यह बात नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने खुद...
“मैं वहाँ मौजूद नहीं था। मैं खुद अपने बच्चों और परिवार को बचाने की कोशिश कर रहा था। यह बहुत दुख की बात है कि उन्होंने (अंकित के माता-पिता) अपने बच्चे को खो दिया, लेकिन वे जो चाहें कह सकते हैं। मुझे इससे कोई लेना-देना नहीं है। ये आरोप झूठे हैं और इसके लिए मुझे फ्रेम करना गलत है।”
मोबाइल गुलेल, जी हाँ मोबाइल गुलेल! रिक्शे पर लोहे के एंगल को वेल्डिंग कर के बनाई गई। इसे मोबाइल गुलेल कहा जाता है। जहाँ चाहे, वहाँ ले जाओ और हिंसा को अंजाम दो। हिंदू घरों को टारगेट कर इस मोबाइल गुलेल से पेट्रोल बम की बोतलें, बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए।
दिनेश की हत्या तब की गई, जब वो अपने बच्चों के लिए दूध लेने निकले थे। उनका एक बेटा 7 साल का तो दूसरा मात्र 1.5 साल का है। दिनेश को गोली राजधानी स्कूल के छत पर जमा दंगाइयों ने मारी।
"उनके नंबर से मेरे पास फोन आया। उधर से कोई और बोला और पूछा कि यह किसका नंबर है? मैंने कहा मेरे पति का... मैं कुछ लोगों को लेकर घटनास्थल की ओर दौड़ी तो देखा कि एक दुकान के सामने वह घायल पड़े हुए हैं मैं देखते ही बेहोश हो गई।"
पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट से दखल की अपील की है। साथ ही दावा किया है कि हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। लोगों में अब भी भय का माहौल है।
"हम 20,000 हिन्दू इसी नाले के पास आकर रोज पानी भर रहे हैं। मुस्लिमों के लिए टंकी लगवाई गई है, हिन्दुओं को छोड़ दिया गया है।" AAP विधायक हाजी यूनुस के इलाके की जमीनी हकीकत, जिस पर दंगा में शामिल होने के भी स्थानीय लोग लगा रहे आरोप।