"ये मैटर नहीं करता दुकान किसकी है... मैटर ये करता है कि नुकसान किसका हुआ हुआ आप पूछना चाहते हैं कि ये दुकान हिंदू की है या मुस्लिम की। मैं क्यों बताऊँ किसकी है। मैं तो कहूँगा कि नुकसान हमारा भी हुआ।"
"अंकित शर्मा और उनके साथ कुछ लोग ताहिर के मकान के पास पहुँचे ही थे कि दंगाइयों की भीड़ झपट पड़ी। हमें ताहिर के घर में खींचने की कोशिश की। मैंने अपना हाथ झटके से छुड़ा लिया और वहाँ से दौड़ पड़ा। मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वह तीनों ग़ायब थे।"
अलीगढ़ में CAA विरोधियों ने जमकर हिंसा की थी। इस दौरान दंगाइयों ने लोगों के घर में घुसने की कोशिश की। इस घटना के बाद दहशत में बाबरी मंडी इलाके में रहने वाले कई हिंदू अपना घर बंद कर जा चुके हैं।
अभी तक सिर्फ 25 शवों की पहचान हो पाई है। इनमें 10 हिंदू हैं। सबसे कम उम्र का मृतक अमन 17 साल का है, जबकि 70 साल के दो बुजुर्ग की भी हत्या हुई है। एक महिला को भी जान गंवानी पड़ी है।
जाफराबाद में हिंसा के दौरान शाहरुख ने आठ राउंड फायरिंग की थी। वह परिवार के साथ फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश में क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की टीमें लगी हुई हैं।
ताहिर हुसैन से अब आप पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है। लेकिन, पार्टी से निलंबित किए जाने के कुछ मिनटों के भीतर ही विधायक अमानतुल्लाह ने उसका बचाव किया। अमानतुल्लाह ने ताहिर को क्लीनचिट दिया है।
इस्लामी भीड़ और उनकी तैयारी को देखकर ऐसा लग रहा था कि वह पहले तो हिंदुओं की दुकानों और फिर हमारे मकानों को अपना निशाना बनाना चाहते थे। अच्छा हुआ दिल्ली पुलिस का कि उसने समय रहते हालातों को काबू में कर लिया।
अंकित शर्मा को 6 लोगों ने लगातार 2 से 4 घंटे तक 400 बार चाकुओं से गोदा होगा। साथ ही, उनकी आँत को शरीर से बाहर निकाल दिया था। फोरेंसिक डॉक्टरों ने कहा कि इस तरह से यातना का शिकार और क्षत-विक्षत बॉडी उन्होंने अपने जीवन में कभी नहीं देखा।
दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह ख़ान ने कहा है कि बोर्ड नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के प्रभावित इलाक़ों में राशन वितरण करेगा। अभी तक पुलिस ने कुल 105 लोगों को विभिन्न मामलों में गिरफ़्तार किया है। उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने पूरी स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक भी की।
जानकारी मिली कि इस्लामी भीड़ हिंदुओं के घरों को अपना निशाना बना रही है। हमने अपने-अपने चारों बच्चों को मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र से निकाला और दूसरी गली में एक परिचित के घर पहुँचा दिया। हम इतने डर गए कि सोमवार को पूरे दिन और पूरी रात भूखे प्यासे बच्चों के साथ घर में कैद रहे।