हाईकोर्ट में इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। कॉन्ग्रेस नेताओं के अलावा दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आप विधायक अमानतुल्ला खान, AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी और वारिस पठान पर भी कार्रवाई की अपील की गई है।
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता ने केवल 3
भड़काऊ भाषणों का जिक्र किया है। ऐसे कई भाषण मौजूद हो सकते हैं। उन्होंने कोर्ट से हालात सामान्य होने तक हस्तक्षेप नहीं करने और केंद्र सरकार को भी पार्टी बनाने की गुजारिश की।
26 फरवरी का यह वीडियो ताहिर हुसैन की शह पर हुए दंगे का एक और सबूत है। पढ़िए, कैसे मंदिर में फँसे पंडित और उनकी पत्नी को कुछ हिंदुओं ने जान जोखिम में डाल बचाया। कहाँ हैं उनकी दो जवान बेटियाँ?
आरोप है कि हुसैन के घर से दंगाई पेट्रोल बम फ़ेंक रहे थे। पत्थरबाजी कर रहे थे। अंकित शर्मा सहित 4 लोगों की हत्या कर उनकी लाश नाली में फेंक देने का वीडियो भी वायरल हुआ।
आपने ताहिर हुसैन के घर से बमबारी और पत्थरबाजी के कई विडियो देखे होंगे। नया विडियो जो सामने आया है उसके बारे में दावा किया जा रहा है कि यह अंकित शर्मा की लाश नाले में फेंके जाने का है।
"हमारी बहन-बेटियों को भी लाठी उठानी पड़ी है। दंगाई आएँगे तो सबसे ज्यादा ख़तरा उन्हें ही है। हमने अपनी बहन-बेटियों को कह रखा है कि अगर हमें कुछ हो जाएँ तो वो पहले अपनी जान बचाएँ या ख़ुद मर जाएँ।"
23 फ़रवरी की शाम दंगाई शाहदरा में घुसे। दिलबर सिंह नेगी को निशाना बनाया। हाथ, पैर काट दिए। फिर पास की दुकान में लगी आग में झोंक दिया। इसके बाद वहॉं भगदड़ मच गई। नेगी के परिजन इतने दहशत में हैं कि अब भी मौके पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे।
26 फरवरी को रवीश कुमार ने जिस तरह से तथ्यों को प्राइम टाइम में पेश किया वह इस बात का सबूत है कि मेनस्ट्रीम मीडिया दंगाई के मुस्लिम होने पर न केवल उसका नाम छिपाता है, बल्कि उसे क्लीनचिट भी देता है।
'यूथ अगेंस्ट जिहादी हिंसा' शाम 5 बजे मार्च निकालेगी। मार्च जंतर-मंतर के पास स्थित केरल हाउस से शुरू होकर अशोका रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगी। 'यूथ अगेंस्ट जिहादी हिंसा' ने AISA, PFI को बैन करने की भी माँग की है।