वह सावरकर ही थे जिन्होंने पहले मराठी और फिर अंग्रेजी में प्रकाशित ‘1857 का स्वातंत्र्य समर’/The Indian War of Independence के ज़रिए इस लड़ाई के असली रूप को जनचेतना में पुनर्जीवित किया।
आईपीएस एसएन श्रीवास्तव जम्मू-कश्मीर में एडीजी पश्चिम क्षेत्र (सीआरपीएफ) रह चुके हैं और गृह युद्ध जैसी स्थिति से निपटने में सक्षम हैं। दिल्ली में भड़की हिंसा में अब तक कुल 10 लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में धारा 144 लागू है और अतिरिक्त पुलिसबलों की तैनाती की गई है।
अरविन्द केजरीवाल और दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया वीरगति को प्राप्त रतन लाल के परिवार से मिलने जैसे ही पहुँचे, आक्रोशित लोगों ने 'केजरीवाल, वापस जाओ' और 'जो बैक केजरीवाल' के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद केजरीवाल उलटे पाँव वहाँ से लौट गए।
नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के कई इलाक़ों में हिंसा अभी भी जारी है। चाँदबाग़ इलाक़े में हिंसा भड़कने के बाद फिर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। करावल नगर में जवानों पर एसिड फेंके जाने के बाद स्थानीय लोगों ने घरेलू तरीकों से उनका उपचार करने का प्रयास किया।
सीएए दंगाइयों की हिंसा के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए पुलिस कॉन्स्टेबल रतन लाल के पार्थिव शरीर को उनके बुरारी स्थित निवास पर लाया गया। दिल्ली के चाँदबाग़ इलाक़े में भी फिर से हिंसा भड़कने की ख़बर है। वहाँ पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए आँसू गैस के गोले दागने पड़े।
देश के एक जाँबाज पुलिसकर्मी की हत्या पर ख़ुशी मनाने वाले ये लोग इसी देश के हैं। हमनें 'ज़ी न्यूज़' के एक पोस्ट को खँगाला, जहाँ अली ख़ान, बाबा रउफ, इफ्तिखार अली, अवैस हैदर और इशाक वानी जैसे लोगों ने 'हाहा' रिएक्शन दे रखा था। ये कौन लोग हैं, आप ख़ुद देख लीजिए।
अब तक कुल 20 घरों को आग के हवाले किया जा चुका है और इतनी ही गाड़ियों को भी फूँका जा चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दौरे के कारण अहमदाबाद में अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जिसका फायदा उठा कर हिन्दुओं के घरों व गाड़ियों को जला डाला गया।
अमित शाह ने पत्र में लिखा है कि रतन लाल एक बहादुर एवं कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी थे, जिन्होंने कठिन चुनौतियों का सामना किया और एक सच्चे सिपाही की तरह उन्होंने देश की सेवा में अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया है।
दिल्ली की एक अदालत ने जामिया हिंसा मामले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दी गई क्लीन चिट देने वाली कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) को खारिज करते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त को नए सिरे से रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।