प्रोपेगेंडा पोर्टल 'ऑल्टन्यूज़' ने दावा किया था कि विडियो में दिख रहे छात्र के हाथ में पत्थर नहीं, वॉलेट है। नए विडियो ने उसे फिर से झूठा साबित किया है। इस विडियो में अन्य छात्रों के हाथ में भी पत्थर दिख रहे हैं।
आरोपित ने पुलिस को बताया कि उसने बीवी के प्राइवेट मैसेज में उसकी न्यूड तस्वीरें देखी थी। यह तस्वीर किसी और शख्स के साथ शेयर की गई थी और उसका रिप्लाई भी आया था। इससे उसका शक और गहरा गया।
अतुल खत्री ने ट्वीट किया, "मोदी जी ट्रंप को जो तीन शहर- दिल्ली, अहमदाबाद, आगरा दिखाएँगे, उन्हें मुगलों ने बसाया था।" सच्चाई यह है कि इन शहरों का विध्वंस कर उसकी खंडहरों पर मुगलों ने इमारतें खड़ी की थी। यूजर्स ने इस इतिहास से खत्री को रूबरू कराने में देरी नहीं की।
सहरसा स्टेशन पर तेज प्रताप यादव के काफी समर्थक अपने नेता का इन्तजार कर रहे थे। लेकिन, जब उन्हें सूचना मिली कि उनके नेता की ट्रेन छूट गई है तो वे मायूस होकर लौट गए।
"सराय मुर्तजा कॉलोनी में कुछ बदमाश लड़कियों को परेशान कर रहे थे और उन्हें बुर्का पहनने के लिए कह रहे थे। लड़कियों ने हमें बताया कि जब उनके परिवारों को बिना बुर्का के कॉलेज भेजने में कोई समस्या नहीं थी, तो ये लोग इस मामले पर कैसे सवाल उठा सकते हैं?"
"तलाक के अधिक मामले शिक्षित और सम्पन्न परिवारों से सामने आ रहे हैं, क्योंकि शिक्षा और संपन्नता अहंकार पैदा करती है, जिससे परिवार टूट रहे हैं।" - इस लाइन को मीडिया ने भुनाया, सोनम कपूर ने भी प्रोपेगेंडा फैलाया। लेकिन हकीकत में किसी ने भी RSS चीफ के पूरे विडियो को देखने की कोशिश नहीं की।
ट्विटर पर आज काफी देर तक 'फेक इट लाइक ऑल्टन्यूज़' ट्रेंड में रहा। इस दौरान यूजर्स ने विभिन्न मीम्स के जरिए ये दिखाने का प्रयास किया कि प्रतीक सिन्हा और ज़ुबैर की वेबसाइट कैसे फैक्ट-चेक के नाम पर अपने गिरोह विशेष के लोगों का बचाव करती है।
सुरजीत मयूर विहार से निगम पार्षद भी रहे थे। 2017 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा था। इस बार पटपड़गंज से दिल्ली के डिप्टी सीएम सिसोदिया बड़ी मुश्किल से 3201 वोटों से जीत पाए थे।
अहमद पटेल के पार्टी के कोषाध्यक्ष होने के दौरान करीब 400 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम कॉन्ग्रेस के खातों में आई थी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस मामले में कॉन्ग्रेस के लेखा डिवीजन के अधिकारियों के दफ्तर में भी छापेमारी की।
उद्धव ने कहा है कि CAA और NRC दोनों अलग है। यदि CAA लागू होता है तो इसके लिए किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन, पवार ने इसे खारिज करते हुए कहा है कि एनसीपी इसके खिलाफ है।