Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षा'तुमने मुस्लिमों को बहुत परेशान किया है, तुमको बख्शा नहीं जाएगा': ट्रंप की यात्रा...

‘तुमने मुस्लिमों को बहुत परेशान किया है, तुमको बख्शा नहीं जाएगा’: ट्रंप की यात्रा से पहले जैश का Video

ऐसा कर पाकिस्तान परस्त आतंकी ट्रंप के दौरे के दौरान यह संदेश देना चाहते हैं कि धारा 370 हटाने के बाद कश्मीरी नाराज हैं और वह आतंकी हमलों को अंजाम दे रहे हैं। कश्मीरियों के मन में खौफ बढ़ाने के लिए शहरी इलाकों में पुलिस, सुरक्षाबलों और आम लोगों पर गोलीबारी और ग्रेनेड हमले की साजिश भी रची जा रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे से पहले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने वीडियो जारी कर धमकी दी है। वीडियो में बदला लेने की बात कहते हुए भारत सरकार से कहा गया है कि तुमने मुस्लिमों को बहुत परेशान किया है। तुमको किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसका परिणाम तुमको भुगतना ही होगा। ट्रंप और अमेरिकी की फर्स्ट लेडी मेलानिया 24-25 फरवरी को भारत आने वाले हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक जैश के वीडियो में कहा गया है, “अगर किसी ने कत्ल किया है तो उसे माफ नहीं किया जाएगा।” इसमें कहा गया है कि जिस तरह से मुस्लिमों को परेशान कर उनकी बस्तियों को उजाड़ा गया है, उसका बदला लिया जाएगा। कुरान शरीफ का हवाला देते हुए एक व्यक्ति कहता है, “हमने शांति बहाल करने को लेकर बहुत बातें सुनी है। अब कोई बहाना नहीं चलेगा। अब अनर्गल बातें करने का समय नहीं है।”

वीडियो में कहा गया है कि जिस तरह तुमने मुस्लिमों को परेशान किया और उनके घरों को जलाया है, उन सबका बदला लिया जाएगा। साथ ही कहा है कि बहुत देख लिया अमन, शांति का पैगाम देने का नाटक अब बस कुछ नहीं। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। वीडियो में लगातार बदला लेने की धमकी दी जा रही है।

इस वीडियो के बाद सुरक्षा एजेसियॉं सतर्क हो गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों को वीडियो से संबंधित एक अहम जानकारी मिली है। इस महीने की शुरुआत में पीओके में आतंकी समूहों की एक बैठक में पाकिस्तान सेना के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया था। इसमें चर्चा की गई कि कश्मीर में सक्रिय आतंकियों को पाकिस्तानी आतंकियों के बजाय ज्यादा जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। ऐसा कर पाकिस्तान परस्त आतंकी ट्रंप के दौरे के दौरान यह संदेश देना चाहते हैं कि धारा 370 हटाने के बाद कश्मीरी नाराज हैं और वह आतंकी हमलों को अंजाम दे रहे हैं। कश्मीरियों के मन में खौफ बढ़ाने के लिए शहरी इलाकों में पुलिस, सुरक्षाबलों और आम लोगों पर गोलीबारी और ग्रेनेड हमले की साजिश भी रची जा रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -