Monday, June 17, 2024
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‘आओ मिलकर हम बढ़ें, अधिकार अपने छीन लें’ – नसीरुद्दीन शाह ने CAA विरोधी प्रदर्शन की आग को दी हवा

“ऐसे लोगों के होते हुए हमें पाक या चीन की जरूरत नहीं है, क्योंकि हमारे पास बुद्धिजीवियों, धर्मनिरपेक्षों के साथ ही एक मीडिया गिरोह है, जो देश और इसकी नीतियों के खिलाफ लगातार प्रयासरत रहते हैं।"

दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर बेंगलुरु के बिलाल बाग में नागरिकता संशोधन कानून (CAA), NRC और NPR के खिलाफ पिछले काफी दिनों से प्रदर्शन के नाम पर हंगामा चल रहा है। यहाँ के विरोध में नसीरुद्दीन शाह, रामचंद्र गुहा और जिग्नेश मेवाणी जैसे लोग भी शामिल हो चुके हैं। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें नसीरुद्दीन शाह प्रदर्शन कर रही महिलाओं को भड़काते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान वो विवादित बयान देते हुए कहते हैं कि अपने अधिकार छीन लो।

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अफवाह का शिकार हुए लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी लोग हैं, जो प्रदर्शन की इस आग को शांत करने की बजाए उसमें घी डालने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों की कतार काफी लंबी है। कभी कॉन्ग्रेस के नेता इन प्रदर्शनकारियों को भड़काते हैं, तो कभी इनके वरिष्ठ नेता इनके प्रदर्शन में शामिल होकर ‘आजादी’ का नारा लगाते हैं। तो कभी प्रदर्शन के नाम देश तोड़ने की बात कही जाती है। देश विरोधी और हिंदू विरोधी नारे लगाए जाते हैं।

अब इस प्रदर्शनकारियों की भीड़ को बॉलीबुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह का साथ मिला है। दिल्ली में अनुराग कश्यप और स्वरा ने आवाज बुलंद की तो बेंगलुरु में नसीरुद्दीन शाह ने विरोध की आवाज को सुर दिया। इस दौरान वो लोगों को भड़काते हुए एक कविता पढ़ते हैं। वो कहते हैं, “वो हर सुंदर कला को और भी सुंदर बनाती हैं। मर्दों की तरह मेहनत वो रात-दिन करती हैं, मगर फिर भी ना कुछ करने की तोहमत लगाई जाती है। दिल में जो डर का किला है, वो तोड़ दो अंदर से तुम, एक ही झटके में अपने आप ही वो ढह जाएगा। आओ मिलकर हम बढ़ें, अधिकार अपने छीन लें। काफिला अब चल पड़ा है। अब न रोक पाएगा।”

नशीरुद्दीन शाह के इस विवादिय बयान पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि अगर बीजेपी CAA नहीं लाती तो हमें पता ही नहीं चलता कि इन गद्दारों के दिल में कितना जहर भरा हुआ है।

एक यूजर ने लिखा, “देखो हिंदुओं तुम्हारे पैसों पर पल कर ये जिहादी के विषैले बोल बाहर आ रहे हैं।”

कुणाल महाजन नाम के एक अन्य यूजर ने लिखा, “ऐसे लोगों के होते हुए हमें पाक या चीन की जरूरत नहीं है, क्योंकि हमारे पास बुद्धिजीवियों, धर्मनिरपेक्षों के साथ ही एक मीडिया गिरोह है, जो देश और इसकी नीतियों के खिलाफ लगातार प्रयासरत रहते हैं। मगर यही गिरोह विदेशी सरजमीं पर पलकें झुकाने तक की हिमाकत नहीं कर पाते हैं।”

नसीरुद्दीन शाह इससे पहले भी CAA विरोधियों के सुर में सुर मिला चुके हैं। वैसे यह कोई पहली बार नहीं है जब उन्होंने विवादित बयान दिया है। इससे पहले उन्होंने ‘मॉब लिंचिंग गिरोह’ का समर्थन किया था। इसके साथ ही उन्होंने ‘अर्बन नक्सल’ के समर्थन में देश विरोधी बयान देते हुए कहा था, “भारत में धर्म के नाम पर घृणा की दीवार एक बार फिर खड़ी हो गई है। जो अन्याय के खिलाफ हैं उन्हें दण्डित किया जा रहा है। जो अधिकार माँग रहे हैं उन्हें जेलों में डाला जा रहा है। कलाकारों, अभिनेताओं, विद्वानों, कवियों को डराया जा रहा है। पत्रकारों को बोलने से रोका जा रहा है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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