चाहे कोई भी वर्ग हो वो उनकी किताब की चाहकर भी नकारात्मक आलोचना नहीं कर सकता, क्योंकि उन्होंने अपनी किताब में सिर्फ़ सच्चाई लिखी है। वे कहते हैं कि किताब में मौजूद कहानियों को पाठक अपने से जोड़कर महसूस कर पाएगा और उसे ये भी लगेगा कि अगर वो इन मुद्दों पर लिखता तो वैसा ही लिखता जैसे श्रीमुख ने उन्हें पेश किया।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की वकील को हडकाते हुए ये भी कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट का कोई फैसला दिखाएँ, जिसमें जेल के अच्छे आचरण के कारण फाँसी की सज़ा को कम किया गया हो।
7 लोगों की हत्या का आदेश देना बाला बुढ जब शेखी बघार रहा था, तब डीसी और एसपी उसके सामने झुक कर खड़े थे। उसने कहा- "ये सातों मारे गए लोग उत्पाती थे। हमें पाँच बंदूकें और दे दो, फिर खेल देखो।"
"मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी कि ऐसे शब्द पेन पर छपे थे। जब दूकानदार दुकान पर पहुँचे, तो एक मुस्लिम लड़के ने पेन देखा और वो वहाँ से चला गया। एक अन्य व्यक्ति दुकान पर आया, उसने पेन की तस्वीर ली और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।"
दिल्ली में कॉन्ग्रेस की जीत सुनिश्चित करने के लिए गाँधी परिवार के तीनों दिग्गज सोनिया, राहुल और प्रियंका मैदान में उतरेंगे। वहीं दिल्ली कॉन्ग्रेस के नेताओं में सुभाष चोपड़ा, पीसी चाको, उदित राज, कीर्ति आजाद, अजय माकन को भी स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल किया गया है।
इरेना ने दावा किया कि हेल्थज़ोन के लगभग 50 प्रतिशत ग्राहक मुस्लिम हैं। हालॉंकि इरेना के ट्वीट के बाद कई लोगों ने साहनी के साथ एकजुटता दिखाई और लोगों से इसकी सदस्यता के लिए साइन अप करने की अपील की।
इससे पहले, 15 नवंबर 2019 को नाका के खुर्शीदाबाद स्थित पार्टी दफ़्तर पर उर्दू में लिखा धमकीभरा पत्र उन्हें पहले भी मिल चुका है। इस पत्र में पार्टी के महासचिव समेत अन्य हस्तियों को भी कमलेश तिवारी की तरह मार देने की धमकी दी गई थी।
इमाद नाम का शख्स मधुर को पर्सनल मैसेज कर कहता है कि अगर मुस्लिम शरिया लॉ फॉलो करते हैं, तो इसमें उन्हें क्या दिक्कत है। फिर वह लिखता है, "वैसे तुम अपनी जान की परवाह करो, मुझे आशा है तुम्हें कमलेश तिवारी की तरह गला काटने की धमकियाँ न मिलती हों।"
इससे पहले इमरान खान की कैबिनेट के एक पूर्व सदस्य बलदेव सिंह को भारत में शरण लेनी पड़ी थी। एक अन्य सिख नेता चरणजीत सिंह को मई 2018 में पेशावर में गोली मार दी गई थी।