सबा नक़वी ने एक टीवी डिबेट के दौरान अपने चिरपरिचित अंदाज में हिंदुओं के खिलाफ जहर उगला। न केवल कश्मीरी पंडितों के घाटी में लौटने को लेकर एतराज जताया बल्कि जम्मू-कश्मीर पर भारत के अधिकार को लेकर भी सवाल उठाए।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने रियासी के मुरी गाँव में एक फुटब्रिज और एक पानी की टंकी का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "आज, मुझे कई विकास परियोजनाओं के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों के संबंध में उपायुक्त द्वारा आदेश जारी किए गए थे।"
आरोपित कई दिनों से धनिराम को परेशान कर रहे थे। 14 जनवरी की रात उस पर केरोसिन उड़ेल आग लगा दी। आरोपितों के समुदाय विशेष से जुड़े होने के कारण शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश की गई।
रायगढ़ पुलिस ने ट्रक ड्राइवर राजेश पांडुरंग द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर अभिनेत्री शबाना आज़मी के कार ड्राइवर अमलेश कामत के ख़िलाफ़ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। राजेश के मुताबिक़, गाड़ी की रफ़्तार अधिक होने के कारण ही ट्रक में कार जा घुसी।
आप ने घोषणा-पत्र में 5,000 नई बसें खरीदने का वादा किया था। लेकिन, उसके शासनकाल में डीटीसी की बसें घट गई। 900 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने और दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में 30,000 नए बेड जोड़ने में भी वह पिछड़ गई।
नदीमर्ग तत्कालीन सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद के पैतृक गॉंव से महज 7 किमी दूर है। 54 लोगों की आबादी वाले इस गॉंव में 7 आतंकी घुसे। हिंदुओं को उनके नाम से पुकार घरों से बाहर बुलाया। चिनार के पेड़ के नीचे सबको जमा किया और...
250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने कुलपति को मेल व मैसेज के जरिए अपनी परेशानी बताई है। इनका कहना है कि कब तक इस आंदोलन के चलते यूनिवर्सिटी को बंद रहेगा। परीक्षाओं के साथ भी तो वे आंदोलन जारी रख सकते हैं।
15 सितंबर 2019 को अराफात बच्ची को टॉफ़ी दिलाने के बहाने अपने घर ले गया था। वहाँ ले जाकर उसने बच्ची का बलात्कार किया और फिर उसके गले में चाकू घोंपा। इतने पर भी उसकी दरिंदगी ख़त्म नहीं हुई। उसने बच्ची का गला दबाया, जिससे वो निश्चिंत हो सके कि वो सच में मर गई है।
सोहेल ने बताया कि हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने का उसे कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। फिर क्राइम आधारित टीवी शो देख उसे शव को टुकड़े-टुकड़े कर फेंकने का विचार आया। अम्मी की लाश के उसने टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया।
बर्बरता की उस रात निहत्थे सिखों को दो समूहों में खड़ा किया गया। आतंकियों में से एक पास के ही गाँव का रहने वाला था। उसे एक सिख ने पहचान लिया। गोलीबारी से पहले उसने आतंकी से पूछा ‘चट्टिया तू इधर क्या कर रहा है’?